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Faridabad News: बीके अस्पताल में रक्त सैंपल व जांच रिपोर्ट गायब, मरीजों को तय समय पर नहीं मिल रही छुट्टी

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मरीजों के परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप, कहा- कर्मचारियों पर हो कार्रवाई
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नीरज धर पाण्डेय


फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल के बाल चिकित्सा परिसर में लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती कई बच्चों के जांच के लिए भेजे गए सैंपल कथित रूप से गायब हो गए, जिसके कारण मरीजों को तय तारीख पर छुट्टी नहीं मिल पा रही है। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की अव्यवस्था का खामियाजा बच्चों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।


परिजनों ने बताया कि जिन बच्चों को निर्धारित तारीख पर डिस्चार्ज किया जाना था, उनकी जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी। अस्पताल स्टाफ ने बताया कि कुछ सैंपल लैब में नहीं मिले हैं, जिसके चलते दोबारा जांच करानी पड़ेगी। इससे मरीजों को अतिरिक्त दो से तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ सकता है। परिजनों का कहना है कि छोटे बच्चों को लंबे समय तक अस्पताल में रखने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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एक बेड पर दो मरीज, नए बच्चों के लिए नहीं मिल रहे बेड

बाल चिकित्सा परिसर में पहले से ही मरीजों का दबाव बना हुआ है। कई वार्डों में एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती किया गया है। ऐसे में जिन मरीजों को छुट्टी मिलनी थी, उनके रुकने से नए मरीजों को भर्ती करने में परेशानी हो रही है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में लगातार बढ़ती भीड़ के बावजूद व्यवस्थाएं नहीं बढ़ाई गई हैं, जिससे छोटे बच्चों और उनके परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


मेरे बेटे आवेज की रिपोर्ट दो बार गुम हो चुकी है। 20 मई को भर्ती कराया था। बच्चा अब ठीक है, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिलने की वजह से अभी तक छुट्टी नहीं दी गई। -फरजाना, सेक्टर-48



अस्पताल में भर्ती करने के दूसरे दिन बच्चे की तबीयत ठीक हो गई थी। 25 तारीख को छुट्टी मिलने वाली थी। नर्स ने कहा कि जांच रिपोर्ट नहीं मिल रही इसलिए फिर से जांच करानी पड़ेगी।-बीना, भड़ाना चौक

दो दिन से बेटा भर्ती है, रिपोर्ट नहीं मिलने की वजह से इलाज ही शुरू नहीं हो पाया। परिवार में अन्य सदस्य नहीं हैं। इलाज में देरी से पेरशानी बढ़ गई है। -शबाना खातून, धौज


मेरी बेटी 10 दिन से भर्ती है। सैंपल गुम होने की बात कही गई है। अब दोबारा जांच कराने के लिए कहा गया है। नई रिपोर्ट आने तक अस्पताल में रुकना पड़ेगा। -रजनी, पर्वतीय कॉलोनी निवासी
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अभी तक किसी मरीज की ओर से ऐसी शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत आती है तो मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। बच्चों व महिलाओं के मामले में अस्पताल प्रशासन अतिरिक्त सतर्क है।-डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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