स्टॉर्म वाटर लाइन बिछाने, नया नाला बनाने और नालों की मरम्मत का काम किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ट्रांसपोर्ट नगर और आसपास के क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही जलभराव और गंदे पानी की समस्या से व्यापारियों, वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्टॉर्म वाटर लाइन बिछाने, नया नाला बनाने और मौजूदा नालों की मरम्मत का बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला लिया है।
आपको बताते चलें कि जिले में कारोबार की दृष्टि से बाटा ट्रांसपोर्ट नगर काफी अहम माना जाता है। यहां कई बड़ी कंपनियों के कार्यालय हैं जिनके कारण लोगों को रोजगार मिल रहा है। इस इलाके में पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है। बिना बारिश के भी यहां की सड़कों पर गंदा पानी फैला रहता है, व्यापारियों व आम लोगों को इसके कारण काफी परेशानी होती है। कई बार यहां नौकरी पर आने वाले वाहन चालक फिसलकर इस गंदे पानी में गिर जाते हैं। वहीं कई बार ट्रांसपोर्ट के लिए आया हुआ कीमती सामान भी गंदे पानी में गिर जाता है इसके कारण काफी नुकसान होता है। यहां के लोग लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे थे। इसको लेकर अब नगर निगम की तरफ से काम शुरू किया जाएगा। इस कार्य पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
वर्षों पुरानी है समस्या
ट्रांसपोर्ट नगर शहर का एक अहम व्यावसायिक और परिवहन केंद्र है। यहां सैकड़ों ट्रक, टेंपो और अन्य भारी वाहन रोजाना आते-जाते हैं। लेकिन बारिश के दिनों में या सीवर ओवरफ्लो होने पर यहां की सड़कें गंदे पानी से भर जाती हैं। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि व्यापारियों को माल लोडिंग-अनलोडिंग में भारी परेशानी होती है। इंदिरा कॉलोनी और यामाहा कंपनी ग्रीन बेल्ट क्षेत्र भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं।
नए प्रोजेक्ट से बदल जाएगी सूरत
नगर निगम की योजना के तहत ट्रांसपोर्ट नगर में स्टॉर्म वाटर लाइन बिछाई जाएगी, बैक साइड में नया नाला बनाया जाएगा, पुराने आरसीसी नालों की मरम्मत होगी और आरसीसी स्लैब डाले जाएंगे। इसके अलावा, यामाहा कंपनी ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में जल निकासी की नई व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। परियोजना का लक्ष्य पानी के तेज और सुरक्षित निकास को सुनिश्चित करना है, ताकि बारिश या सीवर ओवरफ्लो के दौरान सड़कें और बाजार जलभराव से मुक्त रहें।
व्यापार और यातायात में होगा फायदा
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार बरसात के समय ग्राहकों का आना कम हो जाता है और परिवहन लागत बढ़ जाती है। गाड़ियां पानी में फंसने का डर रहता है और माल समय पर नहीं पहुंच पाता। नई निकासी व्यवस्था से इन समस्याओं में काफी कमी आने की उम्मीद है। साफ-सुथरी और जलभराव मुक्त सड़कें न केवल व्यापार को बढ़ावा देंगी, बल्कि शहर की छवि भी सुधरेगी।
नगर निगम की तरफ से जलभराव के समाधान के लिए लगातार काम किया जा रहा है। जल निकासी की स्थाई व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त