फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: रक्षाबंधन पर नहीं आ पाई, जन्माष्टमी पर घर आऊंगी पापा

विज्ञापन
विज्ञापन
जेसी बोस वाईएमसीए विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में फंदे पर लटका मिला शव
विज्ञापन






संवाद न्यूज एजेंसी



फरीदाबाद। जेसी बोस वाईएमसीए विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में शनिवार को आत्महत्या करने वाली मैकेनिकल इंजीनियरिंग की छात्रा वंशिका ने परिवार से जन्माष्टमी पर आने के वादा किया था। पुलिस आत्महत्या की वजह का पता लगाने के लिए मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर रही है।
रेवाड़ी के जाटुसाना थाने के अंतर्गत मोतला खुर्द गांव की रहने वाली अविनाश ने बताया कि वह धारूहेड़ा की बाइक बनाने वाले उद्योग हीरो मोटर्स में मेडिकल असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। वंशिका उनकी इकलौती बेटी थी। वंशिका ने कुछ दिन पहले उसने फोन कर नया लैपटॉप मांगा था। उन्होंने एक लाख 80 हजार का लैपटॉप खरीदकर दिया था। 31 जुलाई को वह घर आई थी और 1 अगस्त को लैपटॉप लेकर हॉस्टल लौट गई थी। आत्महत्या के बाद वंशिका के कमरे से लैपटॉप और बैग में रखे 50 हजार रुपये गायब मिले। बाद में पुलिस ने बताया कि लैपटॉप मिल गया है। कमरे में साथ रहने वाली छात्रा ने बताया कि वंशिका किसी सौरभ नाम के युवक से बात करती थी। शनिवार को भी फोन पर सौरभ से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। वंशिका की मां का कहना है कि सौरभ उनके पड़ोसी गांव का रहने वाला है। उन्हें नहीं पता कि वह बेटी के संपर्क में कैसे और कब आया था। अविनाश ने बताया कि उनकी बेटी ने कहा था कि रक्षाबंधन पर घर नहीं आ पाई, जन्माष्टमी पर आऊंगी। अगर मैं अभी आई तो मेरा कमरा फिर से बदल दिया जाएगा। उसने यह भी बताया कि हॉस्टल की एक महिला कर्मी परेशान करती है। उनकी बेटी को मनचाहा कमरा भी नहीं दिया गया था। इस कारण वह काफी परेशानी रहती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस कर ही है मामले की जांच
गर्ल्स हॉस्टल में वंशिका की संभावित आत्महत्या दुखद है। इसकी सूचना उनको शनिवार की शाम को मिली। इस घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच चल रही है। मृतका और उनके परिवार की गोपनीयता का सम्मान करते हैं और इस संदर्भ में घटनाक्रम पर कोई भी टिप्पणी नहीं करना चाहते। विश्वविद्यालय मृतका के परिवार, मित्रों और सहपाठियों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है। - जितेंद्र यादव, प्रवक्ता, यूनिवर्सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें