गो-तस्कर समझकर आर्यन मिश्रा को गोली मारने का मामला : घर पहुंची एक महिला ने लाखों रुपये लेकर समझौते के लिए कहा
मामले की जांच कर रही पुलिस की टीम का कहना उस दिन आर्यन के साथ कार में सवार बाकी लोग हर्षित गुलाटी, उसकी मां सुजाता गुलाटी ,भाई शैंकी और मौसी कीर्ति शर्मा को अभी क्लीन चिट नहीं दी गई
शुजात आलम
फरीदाबाद। फरीदाबाद में 12वीं कक्षा के छात्र आर्यन मिश्रा को गो-तस्कर समझकर गोली मारने के मामले में अपराध शाखा की टीम ने 90 दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट दाखिल होने के फौरन बाद आर्यन के परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। उसके पिता सियानंद मिश्रा ने आरोप लगाया है कि बृहस्पतिवार को एक अज्ञात महिला उनके घर पहुंची।
महिला ने ऊंची पहुंच होने और आरोपियों को जल्द छुड़वाने की बात कर पीड़ित परिवार को मोटी रकम के बदले समझौते का लालच दिया। समझौता न करने पर बाद में अंजाम भुगतने की बात कही। सियानंद का आरोप है कि वारदात के एक माह बाद सड़क पर एक अनजान साधु ने भी उनको समझौता करने के लिए कहा था। पीड़ित परिवार की ओर से इस संबंध में पुलिस को शिकायत दे दी गई है। आइंदा कभी इस तरह की वारदात होने पर तुरंत ही पुलिस को खबर देने की बात की गई है। हत्या के बाद परिवार ने एनआईटी-5 से अपना मकान छोड़कर एसी नगर में रहना शुरू कर दिया था। परिवार ने अपनी जान का खतरा जताया है।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि सभी आरोपियों के मोबाइल को कब्जे में लेकर उनकी फॉरेंसिक जांच करवाई गई है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि इनके पास गो-तस्करों की सूचना फोन या मैसेज के जरिए नहीं थी। मुख्य आरोपी अनिल कौशिक ने पुलिस की पूछताछ में बताया था।
उसका कहना था कि उनको सूचना थी फॉर्च्यूनर और डस्टर गाड़ी से पशुओं की रेकी करने के लिए कुछ लोग आने वाले हैं। आरोपी खबर मिलने के बाद अपनी गाड़ी लेकर निकल पड़े। उन्होंने कार चला रहे हर्षित और आगे बैठे आर्यन मिश्रा की कार को रुकने का इशारा किया तो इन लोगों ने गाड़ी भगा ली।
इनको गो-तस्कर समझकर पीछा किया बाद में आर्यन की दो गोली मारकर हत्या कर दी गई। आर्यन की मौत के बाद जब इनको पता चला कि इनसे गलती हुई है तो सभी फरार हो गए। 23 अगस्त को हुई हत्या के बाद पुलिस ने मामले में 28 अगस्त को सभी पांच आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास से कार व .32 बोर की पिस्टल बरामद हुई।
छानबीन के दौरान पता चला है कि पिस्टल को यूपी से लाया गया था। पुलिस उसके सोर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। चार्जशीट दाखिल करने के बाद भी मामले की जांच जारी है। पुलिस ने आर्यन के पिता सियानंद मिश्रा को भरोसा दिलाया है कि वह परिवार को हर हाल में न्याय दिलवाएंगे।
आर्यन के शरीर में नहीं मिला था एक भी बूंद खून
आरोपियों ने आर्यन मिश्रा को दो गोली मारी थीं। एक गोली पीछे से चलाई गई जो उसके सिर में लगी थी। इसके बाद गाड़ी रुकवाने के बाद बेहद नजदीक से आर्यन के कंधे पर गोली चलाई गई थी। नजदीक से लगी गोली उसके कंधे में घुसकर उसके हार्ट तक पहुंच गई थी। इसकी वजह से उसके शरीर से खून की एक-एक बूंद निकल गई थी। अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने नहीं दी कार सवारों को क्लीन चिट
आर्यन का परिवार लगाकर डस्टर कार में सवार हर्षित गुलाटी, उसकी मां सुजाता गुलाटी, भाई शैंकी और मौसी कीर्ति शर्मा पर सवाल खड़े कर रहा है। परिवार का कहना है कि गो-रक्षकों द्वारा चलाई गई गोली अगली सीट पर बैठे आर्यन को लगी। इसके बाद दोबारा जब उसे गोली मारी गई तो कार सवारों ने इसका विरोध क्याें नहीं किया। लगातार परिवार इनकी भूमिका पर सवाल उठा रहा है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि भले ही मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई हो, लेकिन कार सवारों को क्लीन चिट नहीं दी गई है। उनसे आगे भी पूछताछ की जाएगी। कई बार पहले इनसे पूछताछ की जा चुकी है।