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छात्रा उत्पीड़न मामला : एसोसिएट प्रोफेसर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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फरीदाबाद। राजकीय महिला कॉलेज में छात्रा उत्पीड़न मामले में फरार एसोसिएट प्रोफेसर सीएस वशिष्ठ की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। दुष्कर्म के प्रयास और अनुसूचित जाति/जनजाति कानून की धारा जुड़ जाने के बाद मामले की सुनवाई एससी/एसटी एक्ट संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए बनी विशेष अदालत में की गई। ऐसे में अब पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
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राजकीय महिला कॉलेज के मामले में आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर सीएस वशिष्ठ ने गिरफ्तारी से बचने के लिए 22 मई को अपने वकील के माध्यम से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुमुद गुगलानी की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। अदालत ने याचिका पर सुनवाई के लिए 28 मई की तारीख निर्धारित की थी। मगर इस मामले में कई और युवतियों के सामने आने पर पुलिस ने दुष्कर्म के प्रयास और एससी/एसटी कानून की धारा भी जोड़ दी थी।
28 मई को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुमुद गुगलानी के छुट्टी पर होने के कारण मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता की अदालत में पहुंचा। मामले में एससी/एसटी एक्ट की धारा जुड़ी होने के कारण उन्होंने इसे सुनवाई के लिए एससी/एसटी एक्ट संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए बनी विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया था, जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबी गुप्ता ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनी और याचिका पर 30 मई तक फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीड़िता की तरफ से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता ओपी शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस मामले में अदालत ने सीएस वशिष्ठ की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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पुलिस कर रही तलाश
जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश और तेज कर दी है। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस उसके रिश्तेदारों के घर भी दबिश दे रही है। दिल्ली और नोएडा में वशिष्ठ के सभी रिश्तेदारों के घर पुलिस ने दबिश दी है, मगर का कहीं कोई सुराग नहीं मिला है।
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