फरीदाबाद। मौसम में आए बदलाव से अस्पतालों में खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सिविल अस्पताल बीके में ओपीडी 2200 पहुंच गई। वहीं ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में मरीजों की संख्या 3500 तक पहुंच गई है। इसमें 500 से अधिक मरीज वायरल से पीड़ित हैं। डॉक्टरों ने बदलते मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पिछले एक सप्ताह से शहर में रुक-रुककर बारिश हो रही है। इससे सुबह-शाम के मौसम में बदलाव आया है। दिन में हल्की धूप निकलने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। यही कारण है कि अस्पतालों में वायरल फीवर के मरीज काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में संक्रामक बीमारियों का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीण मलिक ने कहा कि तापमान में लगातार हो रहे परिवर्तन का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह से दिन में पारा कभी ऊपर तो कभी नीचे जा रहा है। डॉक्टरों की नजर में यह स्थिति खतरनाक है। अस्पताल ओपीडी में एक सप्ताह पहले तक 350 मरीज इलाज के लिए आते थे। अब उनकी संख्या 550 पार हो गई है। इसमें सर्दी, जुकाम और निमोनिया जैसी बीमारियों के चपेट में आए मरीजों की संख्या अधिक है।
बीके अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास गोयल ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव से वायरल फीवर की चपेट में बच्चे सबसे ज्यादा आते है, क्योंकि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इनकी उचित देखभाल करना बेहद जरुरी है।
मेट्रो अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि गुप्ता ने बताया कि वायरल के कारण हृदय में संक्रमण के मरीजों केे मरीजों की संख्या 20 फीसदी बढ़ गई है। इसलिए हार्ट फेलियर व जिन मरीजों के हार्ट की गति धीमी रहती है। उन्हें सावधानी बरतने की ज्यादा जरूरत है। ऐसे मरीजों को हृदय रोग संबंधी कोई भी लक्षण दिखाई देने पर बिना लापरवाही बरते तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।