फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र में बस खोरी गांव में एक दिन राहत के बाद सोमवार को फिर तोड़फोड़ कार्रवाई की गई। निगम तोड़फोड़ दस्ते में शमिल सात पोकलेन और सात जेेबीसी मशीन ने दिल्ली से सटे क्षेत्र में करीब 550 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। मौके पर सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। साथ दिल्ली वन विभाग की टीम भी तैनात रही।
सुबह के समय दिल्ली शूटिंग रेंज रास्ते पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने लोगों पर बल प्रयोग किया। हालांकि पुलिस ने इस बात से साफ इनकार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सात जून को आदेश जारी कर नगर निगम और हरियाणा सरकार को लकड़पुर गांव की राजस्व संपदा पर पर बसे खोरी गांव में तोड़फोड़ करने के आदेश जारी किए थे। कोर्ट का आदेश है कि जंगल की जमीन को फिर से जंगल में तब्दील किया जाए। कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए नगर निगम द्वारा लगातार तोड़फोड़ की जा रही है।
रविवार को निगम की ओर से तोड़फोड़ कार्रवाई स्थगित कर दी गई थी। जिससे की लोग अपने घरों का मलबा बेच सके। इस दौरान कबाड़ी और मलबा ठेकेदारों को गांव में प्रवेश दिया गया। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन, साल अल सुबह पुलिस ने दिल्ली लालकुआं चुंगी नंबर तीन के क्षेत्र को सील कर दिया। गलियों में पुलिस का पहरा बिठा दिया गया। घरों में पुलिस की तैनाती कर दी गई। जैसे ही गांव में निगम का तोड़फोड़ दस्ता पहुंचा लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों के विरोध के बीच निगम ने कार्रवाई जारी रखी। साढ़े चार घंटे चली कार्रवाई के दौरान टीम ने लगभग 550 मकान ध्वस्त कर दिए।
सात पोकलेन और सात जेसीबी से हुई कार्रवाई
नगर निगम की ओर से रविवार को तोड़फोड़ कार्रवाई में सात पोकलेन और सात जेसीबी की सहायता से तोड़फोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान अपने आशियाने को टूटता देख लोगों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिल रहा था। इस दौरान पुलिस ने उन्हें जगह-जगह घेराव कर रोक दिया। रोते बिलखते लोग प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग करते रहे। लेकिन, प्रशासन ने उनकी एक न सुनी और छलकते आंसुओं के बीच उनके आशियाने पर बुलडोजर चला दिया।
वर्जन
खोरी गांव में तोड़फोड़ कार्रवाई जारी है। तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान लगभग 550 अवैध निर्माण तोड़े गए। निगम की ओर से तोड़फोड़ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जब तक सभी अवैध निर्माण तोड़ नहीं दिए जाते। - डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम आयुक्त