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Faridabad News: एक सप्ताह में साइबर ठगी के 10 मामलों में पांच महिलाएं समेत 43 आरोपी गिरफ्तार

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- क्राइम ब्रांच ने आरोपियों से 1.31 करोड़ रुपये, 17 लैपटॉप, एक मोबाइल ओर 16 हेडफोन किए बरामद
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-704 शिकायतों का निस्तारण करते हुए पांच लाख रुपये किए रिफंड व सवा लाख रुपये बैंक खातों में कराए सीज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। क्राइम ब्रांच की टीम ने एक सप्ताह में साइबर ठगी के 10 मामलों में 43 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों से 1.31 करोड़ रुपये, 17 लैपटॉप, एक मोबाइल और 16 हेडफोन भी बरामद किए। इसके साथ ही 704 शिकायतों का निस्तारण करते हुए पांच लाख रुपये रिफंड व सवा लाख रुपये बैंक खातों में सीज कराए।
सोशल मीडिया पर ऑनलाइन जॉब संबंधी विज्ञापन देखकर अक्सर लोग साइबर ठगों के झांसे में आ जाते हैं। ठगों द्वारा रोजाना तीन से चार घंटे काम करने के नाम पर प्रति माह 50 से 60 हजार रुपये कमाने का लालच दिया जाता है। लोगों को लुभावने वादे दिए जाते हैं, जिससे रोजगार की तलाश में व्यक्ति खासकर युवा उनसे संपर्क करें और वह अच्छी नौकरी का लालच देकर उनसे पैसे ऐंठ सकें। इसी प्रकार कुछ आरोपी शेयर मार्केट में पैसे लगाकर मोटे मुनाफे की गारंटी देते हैं और फर्जी एप के माध्यम से पैसे लगवा देते हैं, जिसमें शेयर डाउन ही नहीं होता और व्यक्ति अधिक पैसे लगाता जाता है। वहीं जब वह पैसे निकालता है तो पैसे निकलते ही नहीं है। तब तक उसके साथ लाखों करोड़ों रुपये की साइबर ठगी हो चुकी होती है। कुछ सरकारी नौकरी और अच्छी कंपनी में नौकरी के नाम पर भी ठगी करते हैं। साइबर ठगी के लिए साइबर अपराधी लोगों को विभिन्न प्रकार से लालच देते हैं, जिनमें से टेलीग्राम टास्क फ्रॉड, निवेश, कस्टमर केयर अधिकारी बनकर फ्रॉड, लोन, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, क्यूआर, यूपीआई, लोगों के खाते में बहाने से पैसे डलवाने का लालच देना, बैक अधिकारी बनकर ओटीपी लेकर लोगों के खाते साफ कर देते हैं। इस प्रकार के मामलों में पुलिस ने 43 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मोहम्मद सादिक, नुसरत अली उर्फ गुड्डू, चंद्र मोहन, विक्रम सिंह, अर्पित शर्मा, कार्तिक, फरजद अली, कुलदीप कुमार, राजू कुमार, मनीष कुमार, योगेंद्र कुमार सहित पांच महिला आरोपी भी शामिल हैं।
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कस्टमर केयर से ठगी का तरीका
गूगल सर्च इंजन पर साइबर अपराधी अपना प्राइवेट मोबाइल नंबर अपडेट कर देते हैं और जब कोई उस नंबर पर संपर्क करता है तो कस्टमर केयर के फर्जी अधिकारी बनकर साइबर अपराधी बात करते हैं और ग्राहक की बैंक अकाउंट संबंधित जानकारी हासिल करके उसके साथ साइबर फ्रॉड करते हैं। यदि आपसे कोई ऐसा करके आपके बैंक खाता संबंधित कोई निजी जानकारी मांगने की कोशिश करता है तो समझ जाए कि वह साइबर अपराधी है और कोई भी अविश्वसनीय एप या लिंक डाउनलोड ना करें, जिससे कोई व्यक्ति आपके सिस्टम को दूर बैठे एक्सेस ना करे सके और ना ही किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी साझा करें
शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी
आजकल साइबर अपराधी शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। इसके लिए साइबर अपराधी दूसरे व्यक्तियों द्वारा कमाए गए मोटे पैसे का फर्जी स्क्रीन शॉट दिखाकर लालच देते हैं। यदि आपको भी कोई शेयर मार्केट में निवेश करके मोटी कमाई का लालच देता है तो समझ जाएं कि वह साइबर अपराधी है।
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साइबर पुलिस ने चार साइबर सेंट्रल, तीन मामले साइबर एनआईटी और तीन मामले साइबर बल्लभगढ़ के सुलझाए हैं। पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध जसलीन कौर ने कहा कि यदि कोई भी संस्था साइबर जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम/प्रशिक्षण करवाना चाहता है तो 9991252353 पर संपर्क कर सकता है।
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