तिगांव ब्लॉक की ग्राम पंचायत मुजेड़ी में हुआ था फर्जीवाड़ा, बल्लभगढ़ सदर थाने में 16 अक्तूबर 2022 को दर्ज हुई थी एफआईआर
दो अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर अप्रूवल के लिए आला अधिकारियों को भेजी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। तिगांव ब्लॉक की ग्राम पंचायत मुजेड़ी में लगभग 22 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े मामले में एसीबी ने पूर्व बीडीपीओ समेत 4 आरोपियों के खिलाफ जिला अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है। इन आरोपियों में पूर्व बीडीपीओ पूजा शर्मा, उनके भाई ललित मोहन शर्मा, उनकी भाभी तनुजा, ठेकेदार हीरालाल शामिल हैं।
एसीबी थाना एसएचओ इंस्पेक्टर संतराम ने बताया कि मामले में दो अन्य आरोपियों नंदकिशोर और मनोज के खिलाफ भी चार्जशीट तैयार कर की गई है। चार्जशीट को अप्रूवल के लिए आला अधिकारियों के पास भेजा गया है। अप्रूवल मिलने के बाद इन आरोपियों के खिलाफ भी अदालत में चार्जशीट पेश की जाएगी।
बल्लभगढ़ सदर थाना में 16 अक्टूबर 2022 को एसीबी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि तिगांव ब्लॉक के मुजेड़ी गांव में 9 अक्टूबर 2020 को बनाए गए कार्यवाहक सरपंच ब्रह्मपाल, ग्राम सचिव जोगेंद्र, बीडीपीओ पूजा शर्मा ने मिलकर गबन किया। प्रशासनिक अनुमति लिए बगैर ही फर्जी विकास कार्य दिखाकर लगभग 22 करोड़ रुपये के बिल दिखा भुगतान कर दिया गया।
मामले की जांच में एसीबी ने पाया कि पूजा शर्मा उस समय खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तिगांव थी। इन्होंने मुजेड़ी पंचायत के कार्यवाहक सरपंच व अन्य फर्म मालिकों के साथ मिलीभगत कर पद का दुरुपयोग किया। बगैर कोई एस्टीमेट पास कराए ही लगभग 28 करोड़ रुपये के बिल अलग-अलग कंपनियों को भुगतान कर दिए।
आरोप है कि पूजा शर्मा ने एक जांच के चलते फ्रीज कराए गए बैंक खातों को अपने स्तर पर खुलवा दिया गया और एक कंपनी रसिक बिहारी इंफ्राटेक एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को भुगतान किया। बाद में उसके बैंक खाते से अपने खाते में 9.20 लाख रुपये बतौर रिश्वत प्राप्त किए। आरोपी हीरालाल ने पूजा शर्मा व अन्य से मिलीभगत कर नवंबर-दिसंबर 2020 में गांव मुजेड़ी में पेड़-पौधे लगाने के नाम पर 43 लाख रुपये अपनी कंपनी के खाते में प्राप्त किए। एसीबी ने दावा किया कि नवंबर-दिसंबर में सर्दी का मौसम होने के कारण पेड़-पौधे नहीं लग सकते। आरोपी ने इन पेड़-पौधों के बिल रुपये हासिल करने के बाद जून 2021 में काटे। इससे आरोपियों की मिलीभगत साफ है।