सभी सीएचसी में मिलेंगे मानसिक चिकित्सक, स्कूलों में जाकर भी देंगे सेवा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक शहर फरीदाबाद में तेजी से बढ़ती आबादी के मुकाबले सरकारी स्वास्थ्य ढांचा लंबे समय से दबाव में है। जिला नागरिक अस्पताल और बल्लभगढ़ उपमंडल अस्पताल पर रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों की भीड़ रहती है। ग्रामीण इलाकों खासकर जसाना, मंझावली, तिगांव और आसपास के गांवों के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भी कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में बजट में घोषित नई स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। राज्य स्तर पर 17 नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खोलने की घोषणा की गई है।
मंझावली और यमुना किनारे के गांवों के निवासियों को अब छोटी बीमारियों, प्रसूति सेवाओं और टीकाकरण के लिए शहर के मुख्य अस्पतालों तक नहीं जाना पड़ेगा। मंझावली और आसपास के गांवों से मरीज अक्सर बल्लभगढ़ या फरीदाबाद शहर के अस्पतालों में पहुंचते हैं। निजी अस्पतालों का खर्च वहन करना सभी के लिए संभव नहीं होता जबकि सरकारी अस्पतालों में भीड़ और लंबी इंतजार करने के बाद उन्हें इलाज मिल पाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात या सड़क जाम की स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचने में काफी परेशानी होती है। नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलने से प्राथमिक उपचार, नियमित जांच और दवाएं गांव के पास ही मिल सकेंगी।
मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर भी फोकस
सभी सीएचसी में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की घोषणा भी अहम है। तनाव, अवसाद और नशे से जुड़ी समस्याएं शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बढ़ रही हैं वहीं जिला स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होने के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। अब सीएचसी स्तर पर मनोचिकित्सक और परामर्श सेवाएं उपलब्ध होंगी इससे लोगों को समय रहते इलाज मिल सकेगा।
बल्लभगढ़ में कैथ लैब
बल्लभगढ़ उपमंडल अस्पताल में कैथ लैब स्थापित करने की घोषणा को हृदय रोगियों के लिए बड़ी सुविधा माना जा रहा है। अभी गंभीर हृदय रोगियों को दिल्ली या गुरुग्राम के बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं। कैथ लैब शुरू होने से एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाएं स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेंगी। हृदय रोग के मामलों में गोल्डन आवर बेहद महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में शहर में ही सुविधा उपलब्ध होना जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
न्यू बोर्न केयर यूनिट से नवजातों को राहत
नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए विशेष यूनिट की कमी भी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। न्यू बोर्न केयर यूनिट स्थापित होने से समय से पहले जन्म लेने वाले या गंभीर स्थिति वाले शिशुओं को तुरंत विशेषज्ञ देखभाल मिल सकेगी। अभी ऐसे मामलों में कई परिवारों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।