फरीदाबाद (मनोज धर द्विवेेदी)। यमुना नदी को दूषित होने से बचाने के लिए नगर निगम ने विस्तृत कार्य योजना तैयार की है। यमुना एक्शन प्लान के तहत घरेलू और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी को सौ फीसदी शोधित करने की योजना है। शोधित पानी को ग्रीन बेल्ट, खेती और उद्योगों को दिया जाएगा। औद्योगिक गंदे पानी के लिए तीन कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) और घरेलू गंदे पानी के लिए 12 सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) लगाने की योजना है। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
जीवनदायिनी यमुना नदी काफी दूषित है। फरीदाबाद से भी कई जगहों पर नालों और सीवर का पानी बिना पूरी तरह शोधित हुए यमुना में छोड़ा जा रहा है। इसमें औद्योगिक इकाइयों का भी कचरा शामिल है। हालांकि नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सीवर शोधन संयंत्र लगे हैं। पुराने व संख्या में होने के कारण पूरे शहर का सीवर शोधित नहीं हो पा रहा है। ऐसे में काफी गंदा पानी सीधे यमुना में चला जाता है।
एक अनुमान के मुताबिक नगर निगम की जनसंख्या करीब 26 लाख है। पूरे शहर को करीब 352 एमएलडी पानी की जरूरत है। हालांकि अभी 324 एमएलडी पानी सप्लाई करने का संबंधित विभागों का दावा है। इससे घरेलू सीवर करीब 259 एमएलडी पैदा होता है। इसके लिए बादशाहपुर में 45 एमएलडी, प्रतापगढ़ में 50 और मिर्जापुर गांव में 45 एमएलडी का एसटीपी है। इससे अभी करीब 157 एमएलडी पानी शोधित हो रहा है। जबकि, 102 एमएलडी सीवर के पानी को शोधित करने की जरूरत है। निगम अधिकारियों के अनुसार इस कमी को पूरा करने के लिए कदम उठाए गए हैं। इसमें 10 एमएलडी का संयंत्र सेक्टर 21ए में बन रहा है। वहीं, मिर्जापुर में 80 एमएलडी, प्रतापगढ़ में 100 और बादशाहपुर गांव में 45 एमएलडी का संयंत्र बनाने का काम चल रहा है। यमुना एक्शन प्लॉट में नगर निगम के साथ स्मार्ट सिटी लिमिटेड काम कर रही है। इस प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपये खर्च होंगे।
निर्माणाधीन एसटीपी
1. 100 एमएलडी का प्रतापगढ़ में बन रहा है। इसके जून 2023 तक पूरा होने उम्मीद है।
2. 80 एमएलडी का मिर्जापुर में बन रहा है, इसे भी साल 2023 तक पूरा होना है।
3. 10 एमएलडी का संयंत्र सेक्टर 21 में बन रहा है और इसी साल अगस्त तक पूरा होगा।
यहां लगेंगे एसटीपी
45 एमएलडी बादशाहपुर गांव (नगर निगम)
02 एमएलडी दशहरा ग्राउंड (नगर निगम)
05 एमलएडी प्याली चौक-(स्मार्ट सिटी)
1.5 एमएलडी गोल्फ कोर्स रोड (स्मार्ट सिटी)
1.5 एमएलडी एनआईटी पांच-(स्मार्ट सिटी)
02 एमएलडी सेक्टर 45-(स्मार्ट सिटी)
15 एमएलडी सेक्टर 33 (स्मार्ट सिटी)
01 एमएलडी एनएचपीसी चौक-(स्मार्ट सिटी)
01 एमएलडी टाउन पार्क सेक्टर 12 (स्मार्ट सिटी)
01 एमएलडी सीही गांव-(स्मार्ट सिटी)
02 एमएलडी झाडसेंतली-(स्मार्ट सिटी)
01 एमएलडी सेक्टर-9 (स्मार्ट सिटी)
कंपनियों से 66 एमएलडी गंदा पानी
फरीदाबाद में करीब 28 औद्योगिक इकाइयां है। इसके अलावा काफी बगैर पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां भी संचालित हो रही हैं। घरेलू सीवेज शोधन संयंत्र इसके लिए पूरी तरह से कारगर नहीं हैं। यहां पर बड़े पैमाने में डाई यूनिटें और केमिकल फैक्ट्रियां भी हैं। एक सर्वे के अनुसार फरीदाबाद की कंपनियों या इकाइयों से करीब 66 एमएलडी गंदा पानी निकलता है। ऐसे में इन पानी को साफ करने के लिए अलग से सीईटीपी की जरूरत है। इनके पानी में केमिकल भी होता है। ऐसे में अलग प्लांट की जरूरत है।
यहां बनेंगे सीईटीपी
50 एमएलडी सीईटीपी-प्रतापगढ़ गांव
25 एमएलडी सीईटीपी-मिर्जापुर गांव
15 एमएलडी सीईटीपी बादशाहपुर
यमुना नदी को निर्मल बनाने के लिए हर स्तर पर कदम उठाने की जरूरत है। इसे लेकर सरकार के साथ लोगों को भी ध्यान देना चाहिए जिससे यमुना की निर्मलता को दोबारा से वापस लाया जा सके। इसके लिए हथिनी कुंड से कदम उठाना चाहिए। संबंधित सरकारों को चाहिए कि गंदे पानी को यमुना में जाने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
-डॉ. आरएन सिंह, अध्यक्ष यमुना रक्षक दल
यमुना एक्शन प्लान के तहत घरेलू और औद्योगिक गंदे पानी को शोधित करने के लिए संयंत्र लगाने की योजना है। करीब एक दर्जन छोटे-बड़े एसटीपी स्मार्ट सिटी व नगर निगम लगा रहा है। पहले चल रहे एसपीटी में भी सुधार कराया जा रहा है। सीवर के पानी को शोधित पर खेती, कंपनियों व ग्रीन बेल्ट में प्रयोग करने की योजना है।
-ओमवीर सिंह, अधीक्षण अभियंता नगर निगम