कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए फरीदाबाद में ज्यादा टेस्ट को हरी झंडी मिली, तो रिपोर्ट की वेटिंग भी बढ़ गई। बीते एक सप्ताह में हर दिन सैंपलों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। अब स्वास्थ्य विभाग रैपिड टेस्ट कर ऐसे मरीजों की जांच का बोझ कम करेगा, जिनमें संक्रमण की आशंका नहीं है।
फिर भी एहतियात के तौर पर उनकी जांच की जा रही है। रैपिड टेस्ट में संक्रमण की पुष्टि के बाद आरटीपीसीआर टेस्ट से संक्रमण की दोबारा पुष्टि की जाएगी। जिले के सभी कोविड-19 टेस्ट इन दिनों एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही पलवल जिले के सैंपल भी जांच के लिए एनआईटी-3 ही भेजे जा रहे हैं। ईएसआईसी में मात्र 150 से 160 टेस्ट की क्षमता के साथ हर दिन की जाने वाली जांच रिपोर्ट की वेटिंग लिस्ट लंबी हो गई। ऐसे में शुक्रवार को जिले के सभी 130 सैंपल खानपुर कलां भेजे गए।
इसके अलावा जिले में 750 रैपिड जांच किट भी मुहैया कराई गई है। इससे हर अनावश्यक जांच का बोझ कम हो सकेगा। रैपिड टेस्ट के जरिए यह पता लग सकेगा कि किसी व्यक्ति में संक्रमण की आशंका है या नहीं।
हर दिन बढ़ाई जा रही सैंपलिंग
कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. रामभगत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेने की संख्या भी बढ़ा दी है। पिछले तीन दिनों से 100 से अधिक सैंपल रोज लिए जा रहे हैं। चूंकि राज्य सरकार ने रेड जोन में सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने 13 अप्रैल को 95 सैंपल जांच के लिए भेजे थे। 14 अप्रैल को 96 और अगले दिन 114 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इसके बाद 16 अप्रैल को 115 सैंपल व 17 अप्रैल को कुल 137 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अब रैपिड टेस्ट भी जिले में शुरू कर दिए जाएंगे।