पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि वह पहले गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित एचडीएफसी बैंक में काम करता था। वह काम पर बस से जाता था। पीड़िता भी गुरुग्राम में काम करती थी और अपनी नौकरी के लिए उसी बस से यात्रा करती थी। उसने पीड़िता को दोस्ती करने के लिए कहा। उसने दोस्ती से इनकार कर दिया।
द्वारका जिला साइबर सेल ने दोस्ती करने से मना करने पर कामकाजी युवती के सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर अश्लील फोटो डालने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़िता और उसकी बहन की फोटो और नामों का इस्तेमाल कर कई फर्जी प्रोफाइल बनाया और उन खातों में अश्लील फोटो और वीडियो अपलोड कर दिया। आरोपियो का मकसद पीड़िता और उसकी बहन को तंग करने का था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं और आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
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जिला पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी ने बताया कि पीड़िता ने साइबर से में शिकायत कर आरोप लगाया कि अज्ञात व्यक्ति ने उसकी और उसकी बहन के फोटो का इस्तेमाल कर कई फर्जी इंस्टाग्राम खाते बनाए हैं। उन फर्जी प्रोफाइल पर अज्ञात लड़कियों की अश्लील तस्वीरें अपलोड की गई है। इसके जरिए आरोपियों ने उनसे संपर्क कर मानसिक प्रताड़ना दे रहा है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने जांच के दौरान पांच फर्जी इंस्टाग्राम खातों की जानकारी हासिल की और उनका विश्लेषण किया। फर्जी खाते बनाने में प्रयुक्त मेल आईडी का विवरण प्राप्त करने के बाद पुलिस ने आईपी पते और मोबाइल नंबरों की जांच की। पुलिस टीम ने गुरुग्राम और झरोदा कलां में छापेमारी कर गांव नरोरा, बुलंदशहर निवासी जगमोहन चौधरी, पटेल नगर निवासी रॉबिन और झरोदाकलां निवासी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि वह पहले गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित एचडीएफसी बैंक में काम करता था। वह काम पर बस से जाता था। पीड़िता भी गुरुग्राम में काम करती थी और अपनी नौकरी के लिए उसी बस से यात्रा करती थी। उसने पीड़िता को दोस्ती करने के लिए कहा। उसने दोस्ती से इनकार कर दिया। फिर उसने अपने दोस्तों को सारी बात बताकर युवती को परेशान करने की साजिश रची।