ताजीम ने बताया कि उसे नकली नोट कैराना निवासी इरशाद ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने यूपी में दबिश देकर कैराना में जामा मस्जिद स्थित पुराना बाजार निवासी इरशाद को गिरफ्तार कर लिया। इसकी दुकान से तीन लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए।
इसके अलावा दुकान से नकली मुद्रा नोट बनाने के लिए एफआईसीएन यानी पेपर शीट्स, सुरक्षा धागे के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली ग्रीन फॉइल शीट और चमकदार स्याही के साथ एफआईसीएन पर अंक 2000 अंकित करने को इस्तेमाल किए जाने वाले फ्रेम को मुद्रित करने के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री/उपकरण आदि सामान बरामद किया गया। नकली नोटों के प्रसार में दोनों आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल और सिम कार्ड भी जब्त कर लिए गए हैं। आरोपी इरशाद अब तक करीब 20 लाख रुपये के नकली नोट छाप चुका है।
बड़े मुनाफे का झांसा देकर गोरखधंधे से जोड़ा
ताजीम 1998 से कपड़े की रंगाई के पेशे में है और उसने शामली, पानीपत और मोहाली आदि में काम किया है। उसके बाद वह पड़ोसी इरशाद उर्फ भूरू के संपर्क में आया। इरशाद ने उसे बड़े मुनाफे का झांसा देकर नकली नोट सप्लाई करने के गोरखधंधे में शामिल कर लिया। परिवार को चलाने में आ रही परेशानियों को देखते हुए वह इस धंधे में शामिल हो गया। आरोपी इरशाद कैराना में छोटी सी सुनार की दुकान चलाता है। कोविड्र महामारी के दौरान उसे भारी वित्तीय नुकसान हुआ। इसके बाद वेब सीरीज फर्जी देखकर नकली नोट छापने लगा। ये छह-सात महीने से नकली नोट छाप रहा है।