दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को 2014 के सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषियों को निचली अदालत द्वारा दी गई सजा को कम किया। इन दोषियों को निचली कोर्ट ने 30 साल की सजा सुनाई थी। जबकि हाईकोर्ट ने सजा को 20 साल कर दिया।
इस अहम मामले पर टिप्पणी करते हुए जस्टिस मुक्ता गुप्ता और जस्टिस पूनम ए बंबा की पीठ ने कहा कि आईपीसी की धारा 376 (डी) के तहत अपीलकर्ताओं की कारावास की सजा में बदलाव किया जाता है। अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि पीड़िता के बयान और सबूत न सिर्फ भरोसेमंद हैं, साथ ही अन्य तथ्य भी इस बात को साबित करते हैं। ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई खामी नहीं है।