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कर्ज के नाम पर ठगने वाली कंपनी का पर्दाफाश, 16 युवती समेत 33 गिरफ्तार

Thu, 25 Jul 2019 10:20 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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फर्जी लोन देने वाली कंपनी के मामले में जानकारी देते हुए एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
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ग्रेटर नोएडा में कर्ज (लोन) देने का झांसा देकर फाइल चार्ज, जीएसटी केे नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाली एक फ्रॉड कंपनी का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने सेक्टर-3 स्थित कामरेड फिनकॉन सोल्यूशन प्रा. लि. के कॉल सेंटर व दफ्तर पर छापा मारकर 33 लोगों को गिरफ्तार किया है। 
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इनमें कॉल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले 16 युवक, 16 युवतियां और एक मैनेजर शामिल है। कंपनी के दो मालिक समेत तीन आरोपी अभी फरार हैं। कंपनी की एक ब्रांच अलीगढ़ में भी है। वहां की पुलिस को भी जानकारी दे दी गई है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि बुधवार को मुखबिर से कंपनी के बारे में सूचना मिली थी। 

साइबर सेल और सेक्टर-20 थाना प्रभारी राजवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में महिला कांस्टेबल व दरोगा के साथ टीम मौके पर पहुंची। 33 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया। 
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पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वह कॉल व मेसेज से लोगों को लोन (पर्सनल, कार, होम ) देने का झांसा देते थे। फिर रजिस्ट्रेशन, अप्रूवल फीस, फाइल चार्ज के नाम पर बैंक खाते, पेटीएम, फोन पे, गूगल पे से रुपये जमा करा लेते थे। 
 
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सात माह में एक करोड़ से अधिक की ठगी

एसएसपी ने बताया कि कंपनी के मालिक अनुज गौड़, शुभम गौड़ दोनों सगे भाई हैं। वह पला रोड एडीए कॉलोनी अलीगढ़ के रहने वाले हैं। आरोपियों ने सेक्टर-20 क्षेत्र में चल रही फ्रॉड कंपनी की शाखा का जिम्मा गांव कमरौल अलीगढ़ निवासी मैनेजर संजय को दे रखा था। 

संजय को पुलिस ने अन्य के साथ गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अनुज, शुभम व एक अन्य आरोपी अजय फरार है। उनकी तलाश में टीम रवाना कर दी गई है। कंपनी एक साल से चल रही है। पिछले सात माह के भीतर ही कंपनी ने लगभग एक करोड़ से अधिक की ठगी की है। 

95 पीड़ितों की लोन फाइल मिली
पुलिस ने मौके से एक डेस्कटॉप, 18 मोबाइल, विभिन्न लोगों के लोन हेतु भरे 95 फार्म (फाइल), 3 मुहर समेत दो बैंक अकाउंट, गूगल-पे, पेटीएम, फोन पे के अकाउंट भी मिले हैं। आरोपी किसी भी व्यक्ति को न लोन देते हैं और न ही किसी बैंक आदि से दिलाते हैं। ये गोरखधंधा केवल लोगों से ठगी के लिए किया जा रहा था। लोन का केवल झांसा दिया जाता था।      
 
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