द्वारका पुलिस को शिकायत मिली कि दिचाऊं कलां में नकली घी तैयार करने और नामी कंपनी के पैकेजिंग में नकली घी पैक कर उसे बेचा जा रहा है। पुलिस टीम ने जांच पड़ताल करने के बाद फैक्टरी पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान फैक्टरी में नकली घी तैयार करने और पैकेजिंग का काम चल रहा था। छापे के दौरान पुलिस को वहां से इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, जलता हुआ स्टोव और मदर डेयरी, अमूल, मिल्कफूड, नक्श डेयरी आदि के टेट्रा पैक बॉक्स मिले।
पुलिस ने बताया कि मौके से मदर डेयरी की पैकेजिंग के 4900 रैपर, मदर डेयरी के लेबल वाले 120 कार्टून, मदर डेयरी पैक में 4 लीटर घी, पतंजलि घी के 231 खाली पैक, अमोल घी के सौ कार्टून, अमोल घी के 1245 टेट्रा पैक बॉक्स, अमोल घी के टेट्रा पैक की 1568 प्लास्टिक थैली, पैकिंग मशीन, वजन मशीन, मिल्क फूड घी ब्रांड के 132 टेट्रा पैक डिब्बे, मिल्क फूड के 23 कार्टून, नक्शडेयरी के 64 कार्टून, 50 लीटर नक्श घी, एक कटोरे में नौ लीटर खुला घी, 60 लीटर वनस्पति घी, 40 खाली वनस्पति कंटेनर, पतंजलि गाय घी की पैकेजिंग में पैक किया गया 15 लीटर घी और दो अल्यूमीनियम टब मिले। फैक्टरी में दो कर्मचारी ग्वालियर मध्य प्रदेश निवासी अर्जुन और दतिया निवासी प्रिंस काम करते मिला। जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फैक्टरी का मालिक सुमित है। जबकि जिस इमारत फैक्टरी चल रही है यह उसके चाचा उम्मेद सिंह की है। पुलिस ने कर्मचारियों को घी बनाने का लाइसेंस दिखाने को कहा, लेकिन वह कोई भी कागजात नहीं पेश कर पाए। पुलिस ने मालिक के खिलाफ कॉपी राइट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि फैक्टरी मालिक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।