मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनावी वादे पूरे करने में नाकाम हो चुके हैं। वे अपनी विफलताएं छुपाने के लिए नए-नए संकट पैदा कर रहे हैं। इसी कड़ी में वे असंवैधानिक तरीके से बनाए गए 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति और बिजली-पानी के संकट से जनता का ध्यान हटाने में लगे हुए हैं।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने सोमवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री पर आरोपों की झड़ी लगा दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी नाकामियां छुपाने के लिए प्रधानमंत्री, उपराज्यपाल, प्रशासनिक अधिकारियों और कांग्रेस पार्टी को कोसने लगते हैं।
आए दिन एक नया संकट पैदा करके जनता का ध्यान विकास के मुद्दे से हटाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बिजली बिल आधा करने और मुफ्त पानी देने की बात कही थी, लेकिन आज दिल्ली में बिजली-पानी का संकट बना हुआ है।