हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के फैसले को चुनौती दी थी।
एम्स के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी चतुर्वेदी ने एम्स निदेशक के आदेश को चुनौती दी थी। कैट ने अपने फैसले में कहा था कि किस अधिकारी से क्या काम करवाना है यह तय करना निदेशक का अधिकार है।
जस्टिस वी. कामेश्वर राव व जस्टिस आईएस मेहता की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि हमें क्षमा करें, हम आपकी बातों से सहमत नहीं है। इसलिए फिलहाल आपकी याचिका को खारिज कर रहे हैं, विस्तारपूर्ण फैसला बाद में सुनाएंगे।
खंडपीठ के समक्ष बहस करते हुए चतुर्वेदी के वकील ने कहा कि एम्स के निदेशक ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर उनके कामकाज में बदलाव किया। उनके मुवक्किल को नीचा दिखाने के लिए निदेशक ने स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिये कार्य भी उनसे वापस ले लिए थे।