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प्रशांत और योगेंद्र 'आप' की पीएसी से हुए बाहर

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लगभग छह घंटे लंबी चली आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद बाहर निकले आप नेता योगेंद्र यादव ने मीडिया से कहा कि मैं राष्ट्रीय कार्यकारिणी का अधिकृत प्रवक्ता नहीं हूं। बैठक में भी जो फैसला हुआ है उसके बारे में पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता ही बताएंगे।
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हालांकि योगेंद्र यादव ने कहा कि मैं केवल यह कहना चाहता हूं कि आम आदमी पार्टी लाखों लाख कार्यकर्ताओं के खून पसीने से बनी है। पार्टी लाखों लोगों के आशाओं का केंद्र है जिसे टूटने नहीं देना नहीं चाहिए।

योगेंद्र ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला लेगी उसे वह पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश करेंगे। हालांकि उनके ठीक बाद बैठक से बाहर निकले प्रशांत भूषण ने भी यही कहा कि बैठक के बारे में पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता ही बताएंगे।
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कार से जाते-जाते प्रशांत भूषण ने मीडिया से बताया कि उन्हें और योगेंद्र यादव को पीएसी से अलग करने का फैसला किया गया है।

दी जा सकती है नई जिम्मेदारी

बैठक से बाहर निकलने के बाद आप नेता कुमार विश्वास ने मीडिया ने बताया कि सब एक साथ हैं और एकजुटता के साथ काम करेंगे साथ ही दो वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पीएसी के कार्यभार से मुक्त किया गया है।

दोनों ही नेताओं को नई जिम्मेदारी दी जाएगी। कुमार विश्वास ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक ने नामंजूद कर दिया है।

बता दें कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कुल 21 नेता शामिल थे। बैठक में 8 सदस्यों ने योगेंद्र और प्रशांत भूषण को पीएसी से निकाले जाने के विरोध में मत दिया जबकि, 11 नेताओं ने दोनों नेताओं के निकाले जाने के पक्ष में मतदान किया।

केजरीवाल ने आज द‌िया इस्तीफा

जहां आज आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण पर फैसला होना है वहीं खबर आ रही है कि केजरीवाल ने आज दोबारा अपना इस्तीफा दे द‌िया है। कार्यकारिणी में केजरीवाल के इस्तीफे पर भी विचार होगा।

केजरीवाल के इस्तीफे की वजह से पार्टी के भीतर छिड़े घमासान में नया मोड़ आया है। गौर करने वाली बात ये होगी कि बैठक में केजरीवाल के इस्तीफे को आज स्वीकार किया जाएगा या नहीं, फिलहाल इसमें संशय बरकरार है।

बता दें कि 26 फरवरी को हुई कार्यकारिणी की बैठक में केजरीवाल ने अपना इस्तीफा भेजा था और उसे वापस नहीं लिया। केजरीवाल ने इस्तीफा देने की वजह दिल्ली पर ध्यान देने को बताया था। उनका कहना था कि वो अपना पूरा समय दिल्ली को देना चाहते हैं और संयोजक पद पर रहते हुए यह संभव नहीं है।

आशीष खेतान ने जताया खेद

माना जा रहा है कि आप में मचा रार आज सुलझ सकता है क्योंकि पार्टी के प्रवक्ता आशीष खेतान ने अपने कल के ट्वीट के लिए आज माफी मांग ली है। बता दें कि कल आशीष ने भूषण परिवार के खिलाफ सवाल उठाते हुए कुछ ट्वीट्स किए थे।

उन्हीं ट्वीट्स पर खेद जताते हुए आशीष ने आज ट्वीट किया कि मुझे भूषण परिवार के बारे में ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। हमने साथ मिलकर कई लड़ाईयां लड़ी हैं। और आशा करते हैं कि आगे भी ऐसे ही काम करते रहेंगे।

आशीष ने आगे लिखा कि उन्होंने कल के अपने सभी ट्वीट्स डिलीट कर दिए हैं। वो कहते हैं कि वो पार्टी के आखिरी वॉलेंटियर के प्रति भी जिम्मेदार हैं और हमेशा पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम करते रहेंगे।

मालूम हो कि कल आशीष ने अपने ट्वीट में भूषण परिवार के तीन सदस्यों के पार्टी में होने की बात पर उंगली उठाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

आशीष का कहना था कि भूषण परिवार पार्टी में एक आदमी एक पद की बात कैसे कर सकते हैं जबकि उनके परिवार के तीन-तीन सदस्य पार्टी में है।

योगेंद्र को है सब ठीक होने की उम्मीद

आज दोपहर में होने वाली आप की बैठक से पहले जब योगेंद्र यादव से आम आदमी पार्टी में चल रहे घमासान और पार्टी में उनके भविष्य के बारे में पूछा गया तो योगेंद्र बोले कि मैं मंदिर नहीं जाता, पूजा नहीं करता पर मुझे आस्था है कि जो होगा उससे कुछ सुंदर निकलेगा।

योगेंद्र आगे बोले कि लोगों की आशाएं हमसे बहुत ज्यादा हैं और उनकी आशाओं को हम जाया नहीं कर सकते। योगेंद्र को उम्मीद है कि शाम होते-होते अच्छी खबर सुनने को मिलेगी।

जब योगेंद्र से पूछा गया कि पार्टी के कुछ नेता आपके खिलाफ स्वर बुलंद किए हुए हैं तो उन्होंने कहा कि दिलीप पांडे ने चिट्ठी लिखी मेरे लिए, उसमें कड़वाहट है, पर उनके जैसा ईमानदार कार्यकर्ता नहीं मिलेगा, उन्होंने बहुत त्याग किया है। अगर आज दिलीप कुछ कह रहे हैं तो वो बुरे व्यक्ति नहीं हैं।
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कुछ भी हो जाए नहीं छोड़ूंगा पार्टी

जब योगेंद्र से पूछा गया कि उन्हें क्या लगता है कि आज की बैठक में उनके साथ क्या होगा तो वे बोले कि अगर उन्होंने कुछ भी गलत किया है तो उसके लिए उन्हें सजा मिलनी ही चाहिए। लेकिन कोई पद छोड़ने का मतलब ये नहीं कि मैं पार्टी छोड़ दूंगा।

योगेंद्र का मानना है कि लोगों ने आप को भारी बहुमत दिया है। ये वक्त पूरे दिल से काम करने का है। हम लोगों की आशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन आशाओं को टूटने नहीं देना है।

योगेंद्र ने कहा कि मुद्दा ये नहीं है कि पार्टी का संयोजक कौन बने। असली मुद्दा तो ये है कि पार्टी के अंदर लोकतंत्र को कैसे मजबूत किया जाए। वो आगे बोले कि मुद्दा ये नहीं है कि पीएसी का सदस्य कौन हो बल्कि किस तरह से ज्यादा से ज्यादा वॉलेंटियर्स की बात पार्टी तक पहुंच सके क्योंकि ये उनकी ही पार्टी है।

जब योगेंद्र से पूछा गया कि आप इतने सकारात्मकता से सभी बातें कह रहे हैं तो क्या आप ये कहना चाहते हैं कि पार्टी में सब कुछ ठीक है। इस पर योगेंद्र ने जवाब दिया कि कोई भी राजनीतिक पार्टी, परिवार या दफ्तर ये नहीं कह सकता कि सब ठीक है। पार्टी में मुद्दे और समस्याएं हैं।

उन्होंने कहा कि ये हमारे लिए परीक्षा की घड़ी है। इसमें से बाहर निकलकर ही हम कह सकते हैं कि हां हम बाकियों से अलग हैं। वो बोले कि अगर पीएसी में नहीं रहे तो क्या हुआ पार्टी में काम करते रहेंगे। योगेंद्र ने दृढ़ शब्दों में कहा कि ना तोड़ेंगे, ना छोड़ेंगे, सुधारेंगे, खुद भी सुधरेंगे।
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