एसएलडीसी के आंकड़ों के मुताबिक रविवार आधी रात के बाद थोड़ा गिरकर 6,688 मेगावाट रह गया। दिल्ली में तीन दिन पहले मई में बिजली की सर्वाधिक मांग दर्ज हुई थी।
दिल्ली में दिन के रिकॉर्ड तापमान के बावजूद पिछले कुछ दिनों से खास तौर पर छुट्टियों के कारण बिजली की मांग में गिरावट आई है। डिस्कॉम अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
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उत्तर पश्चिम दिल्ली के मंगेशपुर में पारा 49.2 डिग्री जबकि नजफगढ़ में 49.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से रविवार को गर्मी को भीषण प्रकोप रहा। हालांकि राजधानी में बिजली व्यवस्था के एकीकृत संचालन करने वाली निकाय दिल्ली के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के रीयलटाइम डाटा के मुताबिक रविवार को 11.26 बजे बिजली की अधिकतम मांग 6,732 मेगावाट तक पहुंच गई।
एसएलडीसी के आंकड़ों के मुताबिक रविवार आधी रात के बाद थोड़ा गिरकर 6,688 मेगावाट रह गया। दिल्ली में तीन दिन पहले मई में बिजली की सर्वाधिक मांग दर्ज हुई थी। 13 मई को रात 11.25 बजे 6,829 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हुई थी।
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सप्ताहांत की छुट्टी और बुद्ध पूर्णिमा के अवकाश के बावजूद बिजली की मांग सुस्त बनी हुई है। सामान्य तौर पर दिन का तापमान बढ़ने के साथ कूलिंग लोड और पीक डिमांड बढ़ जाती है। दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ सोमवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दो जुलाई, 2019 को दिल्ली की अब तक की सर्वाधिक मांग 7,409 मेगावाट दर्ज की गई। इस साल भीषण गर्मी के मौसम के दौरान डिस्कॉम को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अधिकतम मांग 8,000 मेगावाट और 8,200 मेगावाट तक हो सकती है।