दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में एमेनिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया है। उसपर आरोप है कि कंपनी की जमीन खरीदने के लिए दिए रुपये को उसने सहयोगी के साथ मिलकर अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर लिया। निदेशक पर वसंत विहार थाने में भी एक फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज है।
शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओपी मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान कृष्णा नगर निवासी पंकज कुमार अग्रवाल(34) के रूप में हुई। वर्ष 2018 में दर्ज शिकायत में कहा गया कि वर्ष 2014 में एमेनिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड ने गांव झटीकरा में 5.06 एकड़ कृषि जमीन खरीदने की योजना बनाई थी। कंपनी ने जमीन के मालिक को तीन करोड़ रुपये अग्रिम राशि के तौर पर दिया था। कंपनी ने आरोप लगाया कि निदेशक पंकज ने पैसों के साथ हेराफेरी की।
जांच में पता चला कि कंपनी के निदेशक पंकज कुमार अग्रवाल शेयर धारक के साथ साथ कंपनी के बैंक खाते का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता भी था। उसने अपने सहयोगी पंकज दयाल और संदीप कुमार के साथ मिलकर साजिश के तहत कंपनी के साथ ठगी की। पंकज ने कंपनी की ओर से एक फर्जी समझौता बनाकर कंपनी के तीन करोड़ रुपये को व्यक्तिगत उपयोग के लिए अपने खाते में स्थानांतरित कर लिया।
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस टीम ने 27 नवंबर को जसोला स्थित कार्यालय से पंकज कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस मामले में पंकज दयाल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। कृष्णा नगर का रहने वाला पंकज कुमार अग्रवाल वाणिज्य से स्नातक है और दिल्ली के कई रियल एस्टेट कंपनी में निदेशक और शेयर धारक रह चुका है।