आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत 30 सितंबर तक आय घोषित नहीं करने वाले लोग आयकर विभाग के रडार पर होंगे। विभाग के मुताबिक इसमें जिले के उद्यमी, नेता भी शामिल हैं।
ऐसे लोगों के बैंक ट्रांजक्शन समेत आय से संबंधित अन्य जानकारियां विभाग ने जुटा ली हैं। आय घोषित नहीं करने पर न सिर्फ ज्यादा टैक्स, बल्कि उस पर लगने वाले ब्याज के अलावा कानूनी कार्रवाई भी होगी।
आयकर विभाग के मुताबिक, अघोषित आय पर 30 फीसदी टैक्स, 7.50 फीसदी सरचार्ज और 7.50 फीसदी पेनाल्टी ली जाएगी। आय की घोषणा ऑनलाइन या अधिकारिक आयकर प्रधान आयुक्त/आयकर आयुक्त को प्रिंट फार्म में देनी होगी।
फार्म आयकर विभाग के कार्यालयों में उपलब्ध हैं। टैक्स, पेनाल्टी और सरचार्ज जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर है। घोषणा के साथ व्यक्ति को निवेश के रूप में वर्णित अघोषित आय की मूल्यांकन रिपोर्ट दाखिल करना अनिवार्य नहीं है। अघोषित आय की घोषणा नहीं करने पर टैक्स, ब्याज और सरचार्ज मिलाकर 70 से 80 फीसदी पेनाल्टी ली जाएगी। छह साल के बैंक ट्रांजक्शन के सारे मामले खुलेंगे।
सके अलावा कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी है। अधिकारियों के मुताबिक, उनकी जानकारी में कई उद्यमी, नेता और अन्य लोग हैं, जिन्होंने अपनी आय की तुलना में काफी कम हिस्से को घोषित किया हुआ है। आईडीएस सिर्फ अंतिम अवसर है।