गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय ने अपने पांच प्रोग्राम की प्रवेश परीक्षा ऑफलाइन मोड में करने का फैसला लिया है। पहले यह परीक्षा ऑनलाइन आयोजित होनी थी। लेकिन कम आवेदन आने के कारण इसे ऑफलाइन करने का निर्णय लिया गया है।
जिन प्रोग्राम के लिए ऑफलाइन मोड में परीक्षा आयोजित की जाएगी। उनमें बीएससी नर्सिंग (पोस्ट बेसिक), बीएससी योग, एम डिजाइन, बी.डिजाइन लैटरल एंट्री, बी. डिजाइन शामिल हैं। दो जुलाई को बीएससी नर्सिंग(पोस्ट बेसिक) की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12.30 बजे तक आयोजित की जाएगी।
बीएससी योग, एम डिजाइन और बीए डिजाइन (लैटरेल एंट्री) के लिए परीक्षा 3 जुलाई को सुबह 10 बजे से 12.30 बजे तक आयोजित की जाएगी। जबकि बी डिजाइन के लिए परीक्षा शाम की पाली में दोपहर तीन बजे से शाम 5.30 बजे तक होगी। प्रशासन ने कहा है कि परीक्षा की तिथि व पाली में बदलाव हो सकता है। ऐसे में प्रशासन ने परीक्षार्थियों को ज्यादा जानकारी के लिए लगातार यूनिवर्सिटी की वेबसाइट www.ipu.ac.in देखते रहने की सलाह दी है।
जामिया में यूजी छात्रों को एनसीसी में मिले क्रेडिट का लाभ डिग्री में मिलेगा
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से एनसीसी ज्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) का हिस्सा होगा। इसके बाद एनसीसी लेने वाले छात्रों के एनसीसी के क्रेडिट उनकी डिग्री में जोड़े जाएंगे। इसी को लेकर कुलपति और एनसीसी दिल्ली प्रमुख के बीच शनिवार को बैठक हुई। इसमें आगामी शैक्षणिक सत्र से एनसीसी को सीबीसीएस में शामिल करने पर सहमति बन गई है। जामिया की कुलपति प्रो. नजमा अख्तर और दिल्ली निदेशालय एनसीसी के ग्रुप कमांडर और दिल्ली 3 बटालियन और दिल्ली 4 गर्ल्स बीएन के कमांडिंग ऑफिसर्स के बीच बैठक हुई है।
इसमें जामिया कुलपति के अलावा सामाजिक विज्ञान के डीन, एनसीसी समन्वयक और एएनओ ने बैठक में भाग लिया। बैठक में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के आगामी सत्र (2022-23) में विश्वविद्यालय में स्नातक छात्रों के लिए एनसीसी को सीबीसीएस पाठ्यक्रम के रूप में लागू करने के तौर-तरीकों पर चर्चा हुई। यूजीसी के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय आगामी सत्र में स्नातक स्तर पर एनसीसी को सीबीसीएस/वैकल्पिक पाठ्यक्रम के रूप में लागू करे। बदलते समय में एनसीसी को और अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए 2021 में रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गठित एनसीसी की व्यापक समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति के सदस्य प्रो अख्तर भी बैठक में शामिल थे।
कालिंदी कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल को प्रबंध समिति ने हटाया
कालिंदी कॉलेज में शनिवार को प्रबंध समिति की बैठक के बाद हंगामा हुआ। बैठक में जहां सर्वसम्मति से प्रिंसिपल को हटाए जाने का दावा किया गया। वहीं प्रिंसिपल का दावा है कि बैठक का कोरम ही पूरा नहीं था। इस मामले में दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कालिंदी कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल प्रो.नैना हसीजा पर लगे वित्तीय अनियमितता के आरोपों को लेकर शनिवार को कॉलेज में प्रबंध समिति की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई। बैठक में आठ सदस्यों के शामिल होने की बात कही जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि बैठक में एक नॉन टीचिंग स्टाफ का प्रतिनिधि भी शामिल था। वोटिंग के बाद प्रिंसिपल को हटाए जाने का फैसला किया गया। साथ ही एक सेवानिवृत्त जज से उनके खिलाफ जांच कराने की बात कही गई।