महंगी बिजली का जोरदार झटका झेलने के लिए उपभोक्ता तैयार रहें। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने बिजली दरों में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव नियामक आयोग को सौंप दिया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो पड़ोसी राज्य दिल्ली और हरियाणा के मुकाबले यूपी के उपभोक्ताओं की जेब पर बिजली दरों का बोझ और ज्यादा बढ़ जाएगा।
इसका सबसे ज्यादा असर 250 से 300 यूनिट हर महीने खर्च करने वाले परिवारों पर पड़ेगा। अगर बात करें नोएडा और गाजियाबाद की तो औसत हर महीने 300 यूनिट बिजली खपत करने वाले यहां के घरेलू उपभोक्ता दिल्ली के मुकाबले करीब 16 फीसदी अधिक बिजली दरों का भुगतान कर रहे हैं। प्रस्तावित दरें लागू होने पर यह अंतर बढ़कर 30 फीसदी तक पहुंच जाएगा।
यदि बात करें फरीदाबाद और गुरुग्राम की तो इनकी तुलना में औसत 250 यूनिट तक खर्च करने वाले नोएडा-गाजियाबाद के घरेलू उपभोक्ताओं को करीब 3 फीसदी अधिक दरें चुकानी पड़ती हैं, जो नया प्रस्ताव लागू होने से बढ़कर 19 फीसदी तक पहुंच जाएंगी। हालांकि, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के इस प्रस्ताव पर फैसला नियामक आयोग सुनवाई के बाद करेगा।
आम आदमी पर पड़ेगा ज्यादा बोझ
नोएडा में करीब 3 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं जबकि गाजियाबाद (लोनी, मुरादनगर व मोदीनगर मिलाकर) में करीब 7.6 लाख उपभोक्ता हैं। दोनों जिलों के 10 लाख उपभोक्ताओं में से करीब आधे ऐसे माने जाते हैं जिनकी महीने में बिजली की खपत 150 यूनिट से ज्यादा नहीं होती। नियामक आयोग को भेजे गए प्रस्ताव में इन्हीं उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा मार पड़ने के संकेत दिए गए हैं, क्योंकि 150 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की जेब पर सीधे ही प्रति यूनिट 1.30 रुपये का बोझ बढ़ जाएगा।
लेकिन फिक्स चार्ज से राहत
यूपी विद्युत नियामक आयोग को सौंपे गए प्रस्ताव में फिक्स चार्ज बढ़ाकर 100 से 110 रुपये प्रति किलोवाट किए जाने का हवाला दिया गया है। दिल्ली और हरियाणा के मुकाबले इस मामले में यहां के उपभोक्ताओं की राहत बरकरार रहेगी, क्योंकि दिल्ली और हरियाणा में 2 किलोवाट लोड पर फिक्स चार्ज की दरें 125 रुपये प्रति किलोवाट निर्धारित है।
सबसे ज्यादा रेवेन्यू नोएडा देता है। इसके बाद भी सबसे ज्यादा तकलीफ यही शहर सह रहा है। जरा सी हवा चलते ही शहर भर की बिजली गुल जाती है। पहले सिस्टम सुधारें, सुविधाएं दें। इसके बाद दरें बढ़ाने की बात करें।
-एनपी सिंह, अध्यक्ष- फोनरवा
जनसुनवाई के दौरान इसे लेकर आपत्ति जताई जाएगी। नोएडा जैसे शहर में आवासीय, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में कटौती थम नहीं रही है। ऐसे में विद्युत दरों में 20 से 25 फीसदी का इजाफा उचित नहीं होगा।
-रंजन तोमर, अध्यक्ष-नोवरा
लाइनलॉस में कमी आई है। विद्युत निगम की रिकवरी भी बढ़ी है। दो साल से दरें नहीं बढ़ीं तो इसका मतलब यह नहीं कि जनता की जेब पर अनाप-शनाप बोझ डाला जाए। एनईए सरकार को पत्र लिखकर इसका विरोध करेगी।
-हरीश जोनेजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष-एनईए
यूपी में घरेलू बिजली दरें
यूनिट वर्तमान प्रस्तावित
0-150 4.90 रुपये/यूनिट 6.20 रुपये/यूनिट
151-300 5.40 रुपये/यूनिट 6.50 रुपये/यूनिट
301-500 6.20 रुपये/यूनिट 7.00 रुपये/यूनिट
500 से ज्यादा 6.50 रुपये/यूनिट 7.50 रुपये/यूनिट
दिल्ली में घरेलू बिजली दरें
यूनिट दरें
0-200 3.00 रुपये/यूनिट
201-400 4.50 रुपये/यूनिट
401-800 6.50 रुपये/यूनिट
801-1200 7.00 रुपये/यूनिट
1200 से ज्यादा 7.75 रुपये/यूनिट
हरियाणा में घरेलू बिजली दरें
यूनिट दरें
0-50 2.70 रुपये/यूनिट
51-100 4.50 रुपये/यूनिट
0-150 4.50 रुपये/यूनिट
151-250 5.25 रुपये/यूनिट
251-500 6.30 रुपये/यूनिट
500-800 7.10 रुपये/यूनिट
801 से ज्यादा 7.10 रुपये/यूनिट