पावर कारपोरेशन के विजयनगर सर्किल में बिजली बिलों में करीब पांच करोड़ का घपला सामने आया है। बिलिंग सर्वर सिस्टम में इन बिलों की धनराशि फर्जी तरीके से जमा दिखाई गई। कई बिलों में तो इतनी धनराशि जमा दिखा दी गई कि वह माइनस में चले गए। राजस्व डाटा पूरा करने को घरेलू व छोटे उपभोक्ताओं के बिलों को दो-तीन गुना कर दिया गया।
ऐसे किया घपला
मेन सर्वर सिस्टम में बड़े कामर्शियल कनेक्शनों के बिलों की धनराशि लाखों से घटाकर हजारों में जमा दिखाई। इनके मुख्य खातों का डाटा डिलीट कर दिया गया। इस तरह करीब पांच करोड़ का खेल किया गया। राजस्व डाटा अपडेट रखने के लिए इस धनराशि को अन्य बिलों पर जोड़ दिया गया। एक्सईएन आफिस के लिपिक की भूमिका संदिग्ध है।
ऐसे हुआ खुलासा
सूत्रों की मानें तो दिसंबर से यह खेल जारी है। दरअसल 16-17 मार्च के होली के अवकाश में करोड़ों की धनराशि के करीब 58 बिल जमा दिखा दिए। करीब 22 बिलों में तो इतनी धनराशि जमा दिखाई गई कि इनका एकाउंट माइनस में चला गया। शुक्रवार सुबह दो बिलों में शक हुआ, जांच में इन दो दिनों में 58 बिल जमा दिखाए गए। जबकि उक्त दोनों दिन अवकाश था।