दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में प्रस्तावित अनुमान से आठ प्रतिशत अधिक यात्री सफर करते हैं। वर्तमान में मेट्रो में प्रतिदिन सफर करने वाले यात्रियों की पैसेंजर जर्नी 67 लाख से अधिक पहुंच गई है। यही नहीं मेट्रो ने वर्ष 2022 में 2,55,000 टन ईंधन (जिसकी कीमत 1388 करोड़ रुपये के करीब है) को भी बचाया है।
डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पहले एक प्रमुख वैश्विक मीडिया हाउस द्वारा दिल्ली मेट्रो सहित देश में मेट्रो के बुनियादी ढांचे पर ''ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: आफ ट्रैक'' शीर्षक से प्रकाशित लेख में कई सवाल उठाए हैं। लेख में कहा गया है कि भारत के किसी शहर की मेट्रो ने अपनी अनुमानित यात्री संख्या का आधा हिस्सा भी हासिल नहीं किया साथ ही यह भी लिखा गया है कि एक भी मेट्रो अपने खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त राजस्व नहीं कमा पाती है। उक्त लेख में उठाए गए सवालों को डीएमआरसी ने आधारहीन बताया है।
प्रत्येक कार्य दिवस 67 लाख से अधिक यात्राएं
डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (जनसंपर्क) अनुज दयाल ने बताया कि दिल्ली मेट्रो में हर सप्ताह प्रत्येक कार्य दिवस के दिन अभी 67 लाख यात्राएं यात्री करते हैं, जो फेज तीन के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में प्रस्तावित अनुमानों से ज्यादा है। महज दो दशक में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क बढ़कर 392 किलोमीटर हुआ। इसके साथ ही ईपीसीए (पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण प्राधिकरण), संसदीय समिति व द एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट (टेरी) के अध्ययनों में यह पता चला है कि मेट्रो ने एनसीआर में आर्थिक, सामाजिक विकास के साथ ही प्रदूषण कम करने में भी मददगार साबित हुई है। वर्ष 2022 में मेट्रो ने 2,55,000 टन ईंधन बचाए हैं जिसकी 1388 करोड़ रुपये के करीब है।
तीन कॉरिडोर को अब तक नहीं मिली है स्वीकृति
दिल्ली मेट्रो के फेज चार में छह मेट्रो कॉरिडोर शामिल है। जिसमें तीन का निर्माण चल रहा है, इसकी लंबाई करीब 65 किलोमीटर है। वहीं तीन अन्य कॉरिडाेर रिठाला-नरेला, इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक और लाजपत नगर-साकेत जी ब्लाक को लेकर डीएमआरसी ने जल्दी स्वीकृति देने की मांग की है।