ईद-उल-अजहा के मौके पर फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम डॉ. मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया कि बकरीद को हमें मिल-जुलकर मनाना है। त्योहार खुशी मनाने के लिए होते हैं, उससे किसी को तकलीफ हो तो यह बेमानी है। कुर्बानी करते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि किसी को उससे तकलीफ न हो।
हुकूमत की गाइड लाइंस को ध्यान में रखकर ही जानवरों की कुर्बानी दें। ईद-उल-अजहा के मौके पर पुरानी दिल्ली के बाजारों में खासी रौनक दिखी। बच्चे अपने माता-पिता के साथ बाजारों में सामान खरीदते नजर आए। रातभर पुरानी दिल्ली के बाजार में लोगों की भारी भीड़ जुटी रहीं।