देश के 92 फीसदी शिक्षकों और 86 फीसदी से अधिक नॉन टीचिंग स्टाफ को टीका लग चुका है। केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले शिक्षण संस्थानों के 96 फीसदी से अधिक कर्मियों का टीकाकरण हो चुका है। यह जानकारी राज्यों द्वारा शिक्षा मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट से मिली है। देश के 22 राज्ज्यों में पहली से 12वीं कक्षा तक, छह राज्यों में 9वीं से 12वीं, छह राज्यों में छठीं से 12वीं कक्षा तक स्कूल खोले गए हैं। जबकि पश्विम बंगाल और मणिपुर एकमात्र दो राज्य हैं, जहां स्कूल नहीं खुले हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को देश भर में शिक्षकों के टीकाकरण की स्थिति और स्कूलों को फिर से खोलने की समीक्षा की। दरअसल शिक्षण संस्थानों को खोलने और टीकाकरण की सही जानकारी के लिए मंत्रालय ने राज्यों से रिपोर्ट मांगी थी। इस मौके पर उन्होंने स्किलिंग इकोसिस्टम में भी टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा की।
प्रधान ने कहा कि वे नियमित रूप से शैक्षणिक कर्मियों और गैर शैक्षणिक कर्मियों के टीकाकरण की निगरानी कर रहे हैं ताकि, स्कूलों को फिर से खोलने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सक्षम वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने देश में बड़े पैमाने पर हो रहे तेजी से टीकाकरण के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य स्थिति और जीवंतता बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और शिक्षा राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह भी शामिल थे।
इन राज्यों में खुले स्कूलः
पश्चिम बंगाल और मणिपुर में स्कूल नहीं खोले गए हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडूू, छत्तीसगढ़,सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय,त्रिपुरा, मिजोरम में पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल खोल दिये गए हैं। जबकि ओड़िसा,आंध्र प्रदेश,गोवा, जम्मू-कश्मीर में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के लिए स्कूल खुल चुके हैं। वहीं, नागालैंड, झारखंड, गुजरात,पंजाब, लददाख में 6ठीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोलने को मंजूरी दी गई है।