जामिया हिंसा के बाद सोमवार सुबह दिल्ली का दक्षिणी इलाका बुरी तरह से प्रभावित रहा। सड़कों से लेकर घरों तक घटना को लेकर तनाव साफ दिखाई दे रहा था। एक ओर दिल्ली सरकार ने इन इलाकों में स्कूलों को छुट्टी कर दी थी। वहीं दिल्ली के बाकी छोर और नोएडा से लिंक होने वाले रास्तों पर भारी जाम के हालात देखने को मिले।
इसके चलते सोमवार को सप्ताह का पहला दिन होने के बावजूद लोग देरी से दफ्तर पहुंचे। जबकि कई लोगों को छुट्टी लेनी पड़ी। दक्षिणी दिल्ली के न्यू फ्रेंडस कॉलोनी, शाहीनबाग, जामिया, कालिंदी कुंज सहित कुछ इलाकों में लोग घरों से ही बाहर नहीं निकले।
दिन भर लोगों घरों में कैद टेलीविजन पर अपने इलाकों के बारे में माहौल का पूरा जायजा ले रहे थे। वहीं हिंसा के बाद बच्चों में भी खासा दहशत का माहौल देखने को मिल रहा है।
जामिया इलाके के फरदीन खान ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि वे सुबह जब वे अपने घर से ऑफिस के लिए निकले तो कुछ ही दूर पर हजारों की तादाद में भीड़ देखी। इसके बाद वे वापस घर लौट गए। उनका ऑफिस नोएडा सेक्टर-16 में है। वहीं कालिंदी कुंज इलाके के मोहन गौड़ बताते हैं कि स्कूल बंद होने के चलते उन्होंने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दिया। कॉलोनी के लोग दहशत में हैं।
वहीं न्यू फ्रेंडस कॉलोनी के विवेक राजदार ने बताया कि पूरे इलाके में सायरन और नारों की आवाजें गूंज रही हैं। रविवार शाम को जब वे ऑफिस में थे तभी घर से आए फोन पर उन्हें पूरी घटना की जानकारी मिली थी। उन्होंने बताया कि घर के आसपास के अधिकतर लोगों ने ऑफिस से सोमवार को छुट्टी ले ली है।