कोरोना के मामले एक बार फिर से बढ़ रहे हैं। ऐसे में दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में हॉस्टल खुलने के लिए अभी वक्त लगेगा। नए छात्रों को हॉस्टल में दाखिले के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा। वर्ष 2020 से अब तक छात्रों का हॉस्टल में दाखिला नहीं हुआ है। इस साल भी दाखिला प्रक्रिया समाप्त हुए लंबा समय हो गया है लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार भी दाखिले नहीं लिए गए हैं।
डीयू में 60 से अधिक कॉलेज स्नातक स्तर पर दाखिला करते हैं। इनमें से करीब 20 के पास ही हॉस्टल की सुविधा है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन भी हॉस्टल में दाखिले लेने से बच रहा है। कॉलेज प्रिंसिपल कहते हैं कि कोरोना संक्रमण की इस लहर में भी मामले बढ़ने लगे हैं। हम छात्रों की सेहत को लेकर चिंतित हैं। हॉस्टल में अधिकतर छात्र दूसरे राज्यों के ही होते हैं। चूंकि अब मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में अभी दाखिले नहीं करेंगे।
डीयू अधिकारियों के अनुसार कॉलेज के हॉस्टल अभी नहीं खोले जा सकते हैं। क्योंकि एक तो कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं दूसरा हॉस्टल में दाखिला लेने वाले अधिकतर छात्र बाहरी राज्यों के हैं। ऐसे में उन्हें अभी यहां बुलाया नहीं जा सकता है। वहीं हॉस्टल में छात्रों को अपना कमरा भी शेयर करना पड़ता है। ऐसे में हॉस्टल को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की जा सकती है।
वहीं अब तो साइंस विषयों के लिए भी भौतिक रूप से हो रही प्रैक्टिकल कक्षाओं को बंद कर दिया गया है। लिहाजा अभी हॉस्टल खुलना संभव नहीं है। डीयू रजिस्ट्ररार डॉ. विकास गुप्ता कहते हैं कि अभी जो कॉलेज हॉस्टल व डीयू के हॉस्टल में छात्र रह रहे हैं वह काफी कम हैं। दो साल से हॉस्टल में छात्रों के दाखिले भी नहीं लिए गए हैं। अब कोरोना व ओमिक्रॉन के मामले बढ़ रहे हैं तो अभी हॉस्टल खोलने को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है। अभी हॉस्टल में दाखिले के लिए इंतजार करना होगा, स्थिति संभलने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा।