राजधानी में सबसे अधिक पानी की समस्या पूर्वी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, नई दिल्ली और बाहरी दिल्ली के अनेक इलाकों में बनी हुई है। इन इलाकों में से कई में पाइप लाइन नहीं होने के कारण पहले से टैंकरों में पेयजल आपूर्ति की जाती थी। इस कारण इन इलाकों के निवासियों को हमेशा ही पानी किल्लत का सामना करना पड़ता है। मगर अब यमुना नदी में जलस्तर कम होने व भीषण गर्मी के बीच इन इलाकों के निवासियों को काफी परेशानी हो रही है। इन इलाकों में पहले की तरह टैंकर भेजे जा रहे हैं जबकि पानी की मांग करीब दोगुनी हो चुकी है।
नई दिल्ली स्थित संजय कैंप निवासी शंभू ने बताया कि उनके यहां दिन में दो-तीन टैंकर आते हैं, जिनकी संख्या काफी कम है। क्योंकि इन टैंकरों से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इस कारण लोग टैंकर आने का दिनभर इंतजार करते रहते हैं और टैंकर आने वाले स्थान पर बर्तनों को रखे रखते हैं। वे टैंकर आते ही पानी भरने के लिए उस पर टूट पड़ते हैं। वहीं, संगम विहार निवासी कमला के अनुसार कई दिन से पानी नहीं आ रहा है और वो टैंकर से पानी नहीं भर पाती है। क्योंकि टैंकर से पानी भरने के लिए मारामारी रहती है और पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। इस कारण वह पानी खरीदकर लाती है।
ओखला फेस-दो में भी पेयजल संकट बना हुआ है। यहां के निवासी पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर रहते हैं। इलाके के निवासी रामनिवास बताते हैं कि 15 दिन से पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उनके यहां पर टैंकरों से पानी भेजा जा रहा है, मगर वह पानी की मांग पूरी नहीं कर पा रही है। लोगों को टैंकर से खाली हाथ घर लौटना पड़ता है। इस इलाके की तरह मयूर विहार, गीता कॉलोनी आदि इलाकों में भी पेयजल संकट बना हुआ है। इन इलाकों के निवासी पानी के लिए 24 घंटे भटकते रहते है।