डीयू प्रशासन ने अपने शताब्दी वर्ष में पुराने छात्रों को डिग्री पूरा करने का मौका दिया है। इस अवसर के तहत कुल 12,827 आवेदन आए हैं। डीयू के शताब्दी वर्ष में मिले इस अवसर के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया बीते बृहस्पतिवार शाम को समाप्त हो चुकी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के पुराने छात्रों की उम्र भले ही सेवानिवृत्ति की हो चली है, लेकिन पढ़ाई का जज्बा अब भी कायम है। डीयू के शताब्दी वर्ष में डिग्री पूरी करने के लिए मिले अनूठे चांस को वे गंवाना नहीं चाहते। तभी उन्होंने डिग्री पूरी करने के लिए आवेदन किया है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन अभी निजता का हवाला देते हुए इन वरिष्ठ नागरिकों की पहचान उजागर नहीं कर रहा है। डीयू ने इनके आवेदन को स्वीकार कर लिया है। अब इन्हें परीक्षा देकर अपनी डिग्री को पूरी भर करनी है। दरअसल, डीयू प्रशासन ने अपने शताब्दी वर्ष में पुराने छात्रों को डिग्री पूरा करने का मौका दिया है। इस अवसर के तहत कुल 12,827 आवेदन आए हैं। इनमें से तीन ऐसे पूर्व छात्र हैं जिन्होंने वर्ष 1978 से पहले अलग-अलग कॉलेज में अलग-अलग पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया था। लेकिन वह किसी कारणवश अपनी डिग्री को पूरी नहीं कर सके।
करीब दो महीने तक चली इस आवेदन प्रक्रिया के तहत सबसे पुराने छात्रों के रूप में 1973-1975 बैच के एक पूर्व छात्र ने आवेदन किया है। इन्होंने डीयू के नामी कॉलेज एसआरसीसी में बीकॉम में दाखिला लिया था। दिलचस्प बात यह है कि जिस साल इस पूर्व छात्र ने कॉलेज में दाखिला लिया, उसी साल पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे अरुण जेटली ने इस कॉलेज से अपनी बीकॉम की पढ़ाई पूरी की। वहीं, 1976-1979 बैच के एक छात्र ने भी शताब्दी डिग्री चांस के तहत आवेदन किया है। इन्होंने किरोड़ीमल कॉलेज में बीएससी(जनरल) में दाखिला लिया था। जबकि एआरएसडी कॉलेज में वर्ष 1977-80 बैच के एक पूर्व छात्र ने बीकॉम (प्रोग्राम) में दाखिला लेने वाले एक छात्र ने भी आवेदन किया है।
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मालूम हो कि डीयू के शताब्दी वर्ष में मिले इस अवसर के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया बीते बृहस्पतिवार शाम को समाप्त हो चुकी है। इसके तहत 12,827 ने पूर्ववर्ती छात्रों ने आवेदन किए। इनमें से कुल 9429 ने दस्तावेज जमा कराए, जबकि 8, 237 ने शुल्क का भुगतान कर आवेदन प्रक्रिया को पूरा किया।