उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि सोमवार रात को पुलिस ने बुराड़ी के वेस्ट संत नगर इलाके से राकेश कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया था। आरोपी का कहना था कि उसने अपनी भाभी पिंकी की हत्या कर दी। पुलिस वेस्ट संत नगर स्थित घर पहुंची तो चौथी मंजिल के एक कमरे से पिंकी का शव बरामद हुआ।
पिंकी दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर (एडहॉक) वीरेंद्र कुमार की पत्नी थी। वारदात के समय घर में वीरेंद्र के 84 वर्षीय पिता व पिंकी अकेले थे। वीरेंद्र मां को लेकर अस्पताल गया था। राकेश ने बताया कि उसने पहले पिंका का गला घोंटा, बाद में उसे करंट लगाकर मार डाला।
दरअसल राकेश पहले वीरेंद्र के मकान की छत पर बने कमरे में रहता था। वीरेंद्र ने राकेश को एक कैब खरीदकर दे रखी थी। उसे चलाकर राकेश खुद का खर्चा और कुछ पैसे वीरेंद्र को देता था। वीरेंद्र की जब शादी हुई तो अगस्त में आते ही पिंकी ने राकेश व उसके परिवार को भगाकर उनसे टैक्सी भी छीन ली थी। वहीं राकेश ने जो पैसे वीरेंद्र को दिए थे, वह भी पिंकी देने से इंकार कर रही थी। इस वजह से राकेश ने पिंकी की हत्या कर दी।
पुलिस ने राकेश को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की तो वह बार-बार बयान बदलने लगा। पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की। इसके अलावा आसपास लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात के समय वहां पर वीरेंद्र का भतीजा गोविंद भी मौजूद था। इधर पूछताछ के दौरान राकेश भी टूट गया।
उसने बताया कि उसने वीरेंद्र के कहने पर ही पिंकी की हत्या की। वीरेंद्र पिंकी से परेशान आ गया था। इस वजह से उसने राकेश व अपने भतीजे गोविंद को पिंकी की हत्या के लिए कहा। वारदात के समय वीरेंद्र जानबूझकर मां को अस्पताल ले गया था। इसके बाद पुलिस ने वीरेंद्र व गोविंद को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम...
करीब 15-20 दिन पूर्व वीरेंद्र ने राकेश से कहा कि वह किसी भी तरह पत्नी से छुटकारा चाहता है। पिंकी और वीरेंद्र की शादी गोविंद और उसके दोस्तों ने करवाई थी। शादी के बाद पिंकी और उसके परिवार का रुख देकर गोविंद भी खफा हो गया। उसने भी चाचा के लिए कुछ भी करने के लिए कहा।
योजना के तहत वीरेंद्र घटना के समय मां को लेकर बाहर चला गया। उस दिन गोविंद घर पर वीरेंद्र के बुजुर्ग पिता के पास बैठा रहा। पिंकी अपने कमरे में सो रही थी। तभी वहां राकेश पहुंचा। गोविंद ने दरवाजा खोला। राकेश सीधा पिंकी के कमरे में पहुंचा। वहां उसने सोते समय पिंकी का गला घोंट दिया। इसके बाद करंट लगाकर उसकी हत्या कर दी। बाद में वह खुद ही पुलिस के पास पहुंचा और उसने अकेले की पिंकी हत्या की बात की।
यह बना पिंकी की हत्या का कारण...
वीरेंद्र डीयू के रामजस कॉलेज में संस्कृत का सहायक प्रोफेसर था। उसने संस्कृत से पीएचडी भी की हुई है। उसकी शादी के लिए बहुत अच्छे रिश्ते आ रहे थे। वीरेंद्र ने अपने भतीजे गोविंद के कहने पर गाजियाबाद निवासी पिंकी से शादी कर ली। शादी में पिंकी के परिजनों ने पांच लाख देने की बात की थी। इसके लिए वीरेंद्र को एक चेक दिया था। जब वीरेंद्र ने उसे खाते में डाला तो वह बाउंस हो गया।
इसके अलावा पिंकी छोटी-छोटी बातों पर वीरेंद्र से झगड़ा करती थी। यहां तक फरवरी में शादी होने के बाद वह अगस्त में वीरेंद्र के घर आई। आते ही उसने राकेश को घर से निकाल दिया। वीरेंद्र पर झूठे इल्जाम लगने लगे। यहां तक कि उस पर राकेश की पत्नी से अवैध संबंध के आरोप लगा दिए गए। परेशान होकर वीरेंद्र ने पिंकी की हत्या की योजना बना ली।