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डीयू दाखिला: सीयूईटी पंजीकरण के लिए छात्रों को करनी होगी जेब ढीली, 250 की जगह 650 का करना पड़ेगा भुगतान

Thu, 07 Apr 2022 08:03 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीयूईटी के पंजीकरण शुल्क के साथ-साथ छात्रों को प्रोसेसिंग चार्ज व जीएसटी का शुल्क भी चुकाना है। इस कारण से सीयूईटी के लिए पंजीकरण करना काफी महंगा पड़ेगा।
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दिल्ली विवि - फोटो : PTI
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विस्तार
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दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में स्नातक कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाले कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) के लिए बुधवार रात से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार डीयू में दाखिले के लिए छात्रों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। दरअसल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से आयोजित होने वाली सीयूईटी के लिए छात्रों को पंजीकरण करना है। इसके लिए छात्रों को 650 रूपये शुल्क का भुगतान करना होगा। डीयू में इस बार सीयूईटी के स्कोर के आधार पर ही दाखिला मिलेगा।  

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सीयूईटी के पंजीकरण शुल्क के साथ-साथ छात्रों को प्रोसेसिंग चार्ज व जीएसटी का शुल्क भी चुकाना है। इस कारण से सीयूईटी के लिए पंजीकरण करना काफी महंगा पड़ेगा। सीयूईटी के लिए पंजीकरण शुल्क के रूप में सामान्य श्रेणी (गैर-आरक्षित) को 650 रुपये, ईडब्लयूएस-ओबीसी को 600 रुपये, एससी-एसटी, पीडब्लयूडी व ट्रांसजेंडर श्रेणी के छात्रों के लिए 550 रुपये आवेदन शुल्क रखा गया है। बीते साल तक जब स्नातक कोर्सेज के लिए कट ऑफ से दाखिले होते थे, तब सामान्य व ओबीसी श्रेणी के छात्रों को ऑनलाइन 250 रुपये पंजीकरण शुल्क अदा करना होता था।

जबकि आरक्षित श्रेणी में शामिल एससीए एसटी पीडब्लूडी के लिए 100 रुपये आवेदन शुल्क रखा गया था। लेकिन इस बार सीयूईटी के स्कोर के आधार पर ही डीयू में दाखिले होने हैं। यह एक तरह से प्रवेश परीक्षा शुल्क ही है। डीयू के पूर्व ईसी सदस्य डॉ. राजेश झा कहते हैं कि जब प्रवेश परीक्षा नहीं थी, तब आवेदन शुल्क 250 रूपये लगता था। प्रवेश परीक्षा शुल्क के साथ जीएसटी व प्रोसेसिंग शुल्क भी छात्रों से लिया जा रहा है। इससे आवेदन शुल्क काफी बढ़ जाएगा। वह कहते हैं कि डीयू में 50 फीसदी छात्र सुदूर-ग्रामीण क्षेत्रों से व गरीब तबके के छात्र आते हैं। फीस बढ़ने से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। छात्रों को राहत देते हुए जीएसटी और प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

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