डीटीसी के उप मुख्य महाप्रबंधक संजय सक्सेना ने बताया कि बस को लखनऊ एक्सप्रेस हाइवे के जरिये नए सर्वेक्षण मार्ग पर संचालित किया जाएगा। दिल्ली में मजनू का टीला काठमांडू जाने वाले यात्रियों का प्रमुख केंद्र हैं, इसलिए बस को सुबह पांच बजे मजनू का टीला भेजा जाएगा। वहां से सुबह छह बजे दिल्ली गेट टर्मिनल के लिए रवाना होगी। इसके बाद दिल्ली गेट टर्मिनल से मौजूदा समय 10 बजे के बजाय सुबह सात बजे प्रस्थान करेगी। सुबह सात बजे रवाना होने से बस उसी रात सीमा को पार कर सकती है। इससे यात्री काठमांडू तक दूसरे मार्गों की अपेक्षा जल्दी पहुंचेंगे।
अधिकारी ने कहा कि इससे यात्रा में लगने वाला समय सात से आठ घंटे कम हो जाएंगे। फिलहाल यात्रा में 32-34 घंटे लगते हैं। यात्रा के समय को बचाने के लिए बस केवल तीन जगहों पर रुकेगी। भारत में सुबह 10 बजे फूडिंग प्लाजा, आगरा टोल में नाश्ते के लिए और दोपहर दो बजे फूड किंग प्लाजा, लखनऊ में दोपहर के भोजन के लिए दो स्टॉपेज होंगे। रात 10:30 बजे नेपाल में एक बार रात के खाने के लिए बस को रोका जाएगा। मजनू का टीला में सुबह छह बजे टिकट बुकिंग और बस के आउट-शेडिंग और यात्रियों की व्यस्तता बढ़ाने के लिए एक डीटीसी अधिकारी को तैनात किया जाएगा। सक्सेना ने कहा कि दिल्ली-काठमांडू बस सेवा 13 जून से शुरू होने वाले एक महीने के लिए बदले हुए समय और मार्ग के अनुसार संचालित की जाएगी।
हालांकि काठमांडू से बस सेवा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। संजय सक्सेना ने बताया कि काठमांडू से दिल्ली बस सेवा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली और काठमांडू के बीच बस 1167 किमी. की दूरी तय करती है। वर्तमान में इसका उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद और फैजाबाद और मुगलिंग (नेपाल) में पड़ाव है जबकि किराया करीब 2800 रुपये है। बस सेवा की शुरुआत नवंबर 2014 में बस सेवा शुरू की गई थी।