कानाचक क्षेत्र में मंगलवार को मिली आईईडी भी जम्मू-पुंछ हाईवे के अखनूर के नजदीक थी। इसके पहले पिछले साल अखनूर पुल के नजदीक हाईवे के पास छह किलो की आईईडी मिली थी। कुछ दिन पहले कठुआ के राजबाग में भी पेलोड के साथ आया ड्रोन हाईवे तक पहुंच गया था।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि सीमा पार से हाईवे के आसापास आईईडी इसलिए गिराई जाती है कि इसे लेने पहुंचे मददगारों को दिक्कत न हो, यदि कहीं किसी तरह फंसने की स्थिति आ जाए तो भागने में भी आसानी हो। हाईवे पर वाहनों की मूवमेंट अधिक होती है। यहां पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
जानकारी के अनुसार, कठुआ, अखनूर, अरनिया और सांबा में पिछले एक साल में ड्रोन के जरिए सीमापार से आईईडी और हथियार लाने के सात मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन इनमें से किसी एक भी रिसीवर को नहीं पकड़ा गया है।