दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के छात्रों को मेडल देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े चिकित्सा सुविधा में शोध कम हुआ है। मेडिकल छात्रों को इस दिशा में विशेष रूप से काम करना चाहिए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के छात्रों को मेडल देकर सम्मानित किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं से जुड़े चिकित्सा सुविधा में शोध कम हुआ है। मेडिकल छात्रों को इस दिशा में विशेष रूप से काम करना चाहिए। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि एमफिल की डिग्री पाने वालों में लड़कियां अधिक हैं। उम्मीद करती हूं कि अन्य डिग्रियों में भी लड़कियों की भागीदारी बढ़ेगी।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश में डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया गया है। डॉक्टर को मरीजों के प्रति संवेदना रखनी चाहिए। डॉक्टरों को दवा और सलाह देने के साथ व्यवहार में हिलिंग टच होना चाहिए। कई बार मरीज के परिजन आवेश में आकर दुर्व्यवहार कर बैठते हैं, यह निंदनीय है। कोई भी डॉक्टर कभी नहीं चाहता कि उसके मरीज का अहित हो। डॉक्टर तनाव भरे माहौल में काम करते हैं। उनकी भी एक सीमा है। विज्ञान अब भी कोई चुनौतियों को सुलझा नहीं पाया है।
देश में आज तकनीक स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ रहा है। टेलीमेडिसिन की मदद से दूर-दराज के इलाकों में गुणवत्ता पूर्ण इलाज की उपलब्धता बढ़ी है। इसके अलावा एआई का इस्तेमाल भी बड़ा है, हमें इस दिशा में भी आगे बढ़कर काम करना चाहिए।