जिला अस्पताल परिसर में टावर संख्या चार की आठवीं मंजिल स्थित फ्लैट नंबर 408/1 में शुक्रवार देर रात आग लग गई। फ्लैट में पैथोलॉजिस्ट डॉ. एचएम लवानिया, उनकी डॉक्टर पत्नी और दो बच्चे रहते हैं।
फ्लैट में लगी आग को देखकर परिवार सहम गया। परिवार का कहना है कि न तो फायर अलार्म बजा और न ही फायर बिग्रेड का फोन लगा। बिल्डिंग से गार्ड और लिफ्टमैन भी गायब थे। दो घंटे की मशक्कत के बाद सीएमएस की मदद से परिवार ने आग पर काबू पाया। फ्रिज में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। लवानिया ने बताया कि रात करीब 3:30 बजे धुएं और फ्लैट में सजे गुब्बारे फूटने की आवाज सुनकर उनकी और पत्नी की आंख खुल गई।
कमरे से निकलकर देखा तो धुआं भरा हुआ था और किचन भीषण आग लगी थी। पत्नी ने फायर बिग्रेड को तीन बार फोन लगाया गया। दो बार फोन लगा नहीं और एक बार बिजी चला गया।
अस्पताल के इलेक्ट्रिक विभाग का स्टाफ भी फोन करने के आधे घंटे बाद पहुंचा। इस दौरान बिजली की आपूर्ति जारी रही, जिससे और खतरा था। बिजली के बोर्ड में लगी एमसी भी नहीं गिरी।