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जहरीली सांस ले रही दिल्ली: चार साल बाद दिवाली का सप्ताह सबसे प्रदूषित, इंसान-बेजुबान दोनों परेशान; AQI 400 पार

Sun, 19 Nov 2023 06:34 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Delhi Air Pollution: पड़ोसी राज्यों में पराली का धुआं, वाहनों का प्रदूषण, स्थानीय कारक व मौसमी बदलाव के चलते हवा प्रदूषित हो रही है। ऐसे में इंसान ही नहीं बेजुबान भी प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। 
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बीते चार वर्ष बाद दीपावली का सप्ताह सर्वाधिक प्रदूषित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दम घोंटू बनी दिल्ली हवा में लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। बीते चार वर्ष में दीपावली के बाद यह सप्ताह सर्वाधिक प्रदूषित दर्ज किया है। आलम यह है कि वर्ष 2019 से पहली बार दीपावली के बाद लगातार चार दिन ऐसे रहे जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 401 के पार रहा है। यह गंभीर श्रेणी में है। जबकि आठ वर्ष की तुलना में इस दीपावली के दिन हवा वर्ष 2016 के बाद (कोरोना काल को छोड़कर) सबसे साफ दर्ज की गई है। पड़ोसी राज्यों में पराली का धुआं, वाहनों का प्रदूषण, स्थानीय कारक व मौसमी बदलाव के चलते हवा प्रदूषित हो रही है। ऐसे में इंसान ही नहीं बेजुबान भी प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। इससे स्वास्थ्य संबंधित समस्या उत्पन्न हो रही है।

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इस वर्ष दीपावली के दिन जहां एक्यूआई 218 दर्ज किया गया, यह खराब श्रेणी में हवा है। इसके बाद हवा की दिशा व गति बदलने से वायु गुणवत्ता नीचे गिर गई। दीपावली के बाद सबसे अधिक प्रदूषण 16 नवंबर को दर्ज किया, इस दिन एक्यूआई 419 था। वहीं, 14 नवंबर से लेकर 17 नवंबर तक लगातार एक्यूआई गंभीर श्रेणी रहा। इस दौरान लोगों ने गंभीर प्रदूषण के बीच सांस ली। 14 नवंबर को 401 के करीब रहा, 15 को 401, 16 को 419, 17 नवंबर को 405 वायु सूचकांक दर्ज किया गया।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की दिशा उत्तर-पूर्व व पश्चिम से चलने से प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में इतनी तेज बढ़ोतरी हुई है। वह कहते हैं कि दीपावली के बाद ऐसा इस वजह से हुआ है कि पहले बारिश हुई, इससे हवा में नमी का स्तर बढ़ गया। जिससे प्रदूषण बढ़ने से प्रदूषक कण और सघन हो गए हैं।

वर्ष 2015 व 2022 दीपावली के बाद सबसे साफ सप्ताह
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, आंकड़ों पर नजर डाले तो पता चलता है कि वर्ष 2015 व 2022 ऐसे वर्ष थे, जब दीपावली के बाद के सप्ताह में एक भी दिन हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज नहीं की गई। वहीं, 2021 में दीपावली के बाद तीन दिन, 2020 में दो 2019 में चार, 2018 में पांच, वर्ष 2017 में एक, वर्ष 2016 में चार दिन ऐसे थे जब हवा गंभीर श्रेणी दर्ज की गई थी। 
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सीपीसीबी के मुताबिक वर्ष 2016 में दीपावली के बाद का सप्ताह सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान पांच दिन ऐसे थे, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 के पार रहा। यह गंभीर श्रेणी में है। यहां तक की वर्ष 2016 के पांच नवंबर को एक्यूआई 497 दर्ज किया गया था, जोकि अति गंभीर श्रेणी में था। विशेषज्ञों के मुताबिक मिक्सिंग हाइट, हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषण के निचले सिरे पर बने रहने से वायु गुणवत्ता खराब हो रही है।
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