इस वर्ष दीपावली के दिन जहां एक्यूआई 218 दर्ज किया गया, यह खराब श्रेणी में हवा है। इसके बाद हवा की दिशा व गति बदलने से वायु गुणवत्ता नीचे गिर गई। दीपावली के बाद सबसे अधिक प्रदूषण 16 नवंबर को दर्ज किया, इस दिन एक्यूआई 419 था। वहीं, 14 नवंबर से लेकर 17 नवंबर तक लगातार एक्यूआई गंभीर श्रेणी रहा। इस दौरान लोगों ने गंभीर प्रदूषण के बीच सांस ली। 14 नवंबर को 401 के करीब रहा, 15 को 401, 16 को 419, 17 नवंबर को 405 वायु सूचकांक दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की दिशा उत्तर-पूर्व व पश्चिम से चलने से प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में इतनी तेज बढ़ोतरी हुई है। वह कहते हैं कि दीपावली के बाद ऐसा इस वजह से हुआ है कि पहले बारिश हुई, इससे हवा में नमी का स्तर बढ़ गया। जिससे प्रदूषण बढ़ने से प्रदूषक कण और सघन हो गए हैं।
वर्ष 2015 व 2022 दीपावली के बाद सबसे साफ सप्ताह
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, आंकड़ों पर नजर डाले तो पता चलता है कि वर्ष 2015 व 2022 ऐसे वर्ष थे, जब दीपावली के बाद के सप्ताह में एक भी दिन हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज नहीं की गई। वहीं, 2021 में दीपावली के बाद तीन दिन, 2020 में दो 2019 में चार, 2018 में पांच, वर्ष 2017 में एक, वर्ष 2016 में चार दिन ऐसे थे जब हवा गंभीर श्रेणी दर्ज की गई थी।
सीपीसीबी के मुताबिक वर्ष 2016 में दीपावली के बाद का सप्ताह सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान पांच दिन ऐसे थे, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 के पार रहा। यह गंभीर श्रेणी में है। यहां तक की वर्ष 2016 के पांच नवंबर को एक्यूआई 497 दर्ज किया गया था, जोकि अति गंभीर श्रेणी में था। विशेषज्ञों के मुताबिक मिक्सिंग हाइट, हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषण के निचले सिरे पर बने रहने से वायु गुणवत्ता खराब हो रही है।