कंप्यूटर मार्केट से मिनी सेगमेंट के लैपटॉप गायब हो गए है। इससे कंप्यूटर मार्केट में डाउन फाल आ गया है। कंपनियों ने जो टैबलेट उतारे हैं उनका ग्राहकों की तरफ से कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा है। महंगे होने के कारण टैबों की बिक्री कम हो रही है।
स्टूडेंट्स और अन्य लोगों के बीच टैबलेट की मांग को देखते हुए कंप्यूटर कंपनियों ने 15 से 25 हजार तक के लैपटॉप को बनाना बंद कर दिया था। कंप्यूटर विक्रेताओं के बीच इस संबंध में ई-मेल भी जारी की गई।
जिला कंप्यूटर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हर्ष बत्रा ने बताया कि कंपनियों की प्लानिंग बेकार साबित हुई है। प्लानिंग थी कि मिनी लैपटॉप को बंद करके उसके सारे फीचर को टैबलेट में दिया जाए, क्योंकि टैबलेट को हैंडल करना आसान होता है।
कंपनियों ने फीचर तो अपलोड कर दिए लेकिन उनका दाम काफी बढ़ा दिया। अब कंपनियों के जो टैबलेट आ रहे हैं वह इतने महंगे कि स्टूडेंट्स उसे नहीं खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि वैसे भी टैबलेट और लैपटॉप में काफी फर्क होता है। इसलिए भी इनकी डिमांड कम हो गई है। मौजूदा समय में इनका मार्केट डाउन जा रहा है।