पीएम नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान के पथ पर शहर के निजी स्कूलों ने भी अपने कदम बढ़ाए हैं। एक तरफ जहां स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को तकनीक से जोड़ा जा रहा है, दूसरी तरफ टैब बेस्ड एजुकेशन के माध्यम से हर कार्य डिजिटल किया जा रहा है।
डिजिटल इंडिया अभियान से हर कार्य समय पर होने के साथ धन की बचत हो रही है। वहीं बड़ी मात्रा में पेड़ों की कटाई कर तैयार होने वाला कागज भी बच रहा है। ऐसे में स्कूलों द्वारा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।
परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका को बचाने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा ऑनलाइन परीक्षा ली जा रही है, जिससे छात्र आने वाले समय की प्रतिस्पद्र्धा की दौड़ में अभी से तैयार हो जाए।
माना जा रहा है कि डिजिटल इंडिया अभियान से छात्रों को ज्ञानवद्र्धन होने के साथ क्लास रूम में पूछे जाने वाले प्रश्रों का त्वरित जवाब देने के लिए तैयार किया जा रहा है।
शहर के सेक्टर 11 स्थित डीपीएस स्कूल में नर्सरी से 12 तक के छात्र छात्राओं के लिए टैब बेस्ड एजुकेशन सिस्टम शुरू किया गया है।
जिससे पैन एवं पेपर वर्क को कम कर छात्र छात्राओं को डिजिटल इंडिया अभियान से जोडा गया। मसलन, किताबें भी टैब में ही समाहित की गई हैं। स्कूल के बच्चे टैब लेकर स्कूल आतेजाते हैं।
स्कूल से जुड़ी सभी गतिविधियों की जानकारी अभिभावकों को भी आसानी से मिल जाती है। अभिभावक भी अपना फीडबैक स्कूल प्रबंधन तक आसानी से पहुंचा रहे हैं।
विद्या मंदिर स्कूल में एक तरफ स्मार्ट क्लास के माध्यम से अध्ययन कराया जा रहा है। दूसरी तरफ छात्र छात्राओां को डिजिटल इंडिया से जोड़ा जा रहा है।