प्रति वर्ष आठ प्रतिशत के सरचार्ज का मुआयना किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर इसमें मामूली बदलाव भी किया जा सकता है। हालांकि, आठ प्रतिशत का सरचार्ज वित्त वर्ष 2012-13 से लिया जा रहा है।
आयोग ने बिजली वितरण कंपनी यमुना और राजधानी पावर लिमिटेड का पुराना घटाना 5641 करोड़ व टीपीडीडीएल का 2359 करोड़ रुपये स्वीकार किया है। आयोग के चेयरमैन पीडी सुधाकर का कहना है कि पुराने घाटे की वसूली नहीं होने की वजह से कंपनी पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
इसकी वजह से बैंक कंपनियों को लोन देने से भी मना कर रहे हैं। इसी वजह से वितरण कंपनी उत्पादन कंपनियों को बिजली खरीद की रकम भी नहीं चुका पा रही हैं। आयोग ने आठ प्रतिशत का सरचार्ज अगले आठ साल तक लेने का फैसला किया है।