रिक्शा में लाश ठिकाने लगाने वाले हरी से भी पूछताछ होने लगी। लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करने लगा। जांच के दौरान एक महिला वसंतकुंज नॉर्थ थाने में अपने बेटे की मिसिंग लिखाने के लिए पहुंची।
महिला को युवक की लाश दिखाई गई तो उसने उसकी पहचान अपने बेटे के रूप में की। मूलरूप से बिहार का रहने वाला पेशे से चालक मृतक संतोष अपनी मां के साथ गली नंबर-12, महिपालपुर में रहता था।
उधर पूछताछ में आरोपी हरी ने संतोष की हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि वह घर के पास ही एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। आरोपी संतोष पिछले करीब तीन सालों से उसकी बेटी को परेशान कर रहा था। वह बाहर निकलने पर उसकी पीछा करता था। कई बार फोनकर परेशान करता था।
22 जुलाई की रात को शराब के नशे में संतोष उनके घर पहली मंजिल पर पहुंचा और हंगामा करने लगा। हरी आरोपी को ग्राउंड फ्लोर पर लाया। यहां बहस के दौरान दोनों के बीच झगड़ा हो गया। पहले हरी ने संतोष को जोरदार घूंसा मारा, जिससे वह अचेत हो गया। इसके बाद संतोष के गमछे से उसका गला घोंट दिया।
हरी शव को ठिकाने नहीं लगा पाया। दो दिन तक उसने अपनी बिल्डिंग के बेसमेंट में शव को ठिकाने लगाने के लिए रखे रखा। शनिवार को ठिकाने लगाने की कोशिश में वह पकड़ा गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।