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दिल्ली: कक्षाओं से गैरहाजिर रहने पर दो शिक्षक निलंबित

Wed, 20 Apr 2022 12:09 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

शिक्षा निदेशक ने औचक निरीक्षण के बाद शिक्षकों के निलंबन के आदेश जारी किए। सरकारी स्कूल शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति, निलंबन वापस लिए जाने की मांग।
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सरकारी स्कूल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सरकारी स्कूलों में दो शिक्षकों का कक्षाओं से गैर हाजिर रहना उन्हें मंहगा पड़ा है। शिक्षा निदेशक ने इन शिक्षकों के कक्षाओं से लापता रहने पर उन्हें निलंबित कर दिया है। शिक्षा निदेशक ने औचक निरीक्षण के बाद इन शिक्षकों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश पर सरकारी स्कूल शिक्षक संघ ने आपत्ति जताते हुए इनके निलंबन की मांग की है।

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संघ ने शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर शिक्षकों का पक्ष रखा है। दरअसल, शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता ने सोमवार को बापरौला स्थित गर्वनमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में उन्हें बारहवीं कक्षा के छात्रों से पता चला कि इकोनॉमिक्स(पीजीटी) के शिक्षक नियमित रुप से कक्षा नहीं लेते। वह एक बार में कई अध्यायों को पूरा कराते हैं। वहीं टीजीटी संस्कृत के शिक्षक को भी अपनी सौंपी गई कक्षाओं से लापता रहने की आदत है। इसके बाद उन्होंने दोनों शिक्षकों के निलंबन केआदेश जारी कर दिए।

शिक्षक संघ के महासचिव अजय वीर यादव ने शिक्षकों के निलंबन पर शिक्षा निदेशक को पत्र लिख कर शिक्षकों का पक्ष रखा है। उन्होंने लिखा है कि निलंबित शिक्षक पर आरोप है कि वे रोज-रोज पढ़ाने की बजाए एक साथ अधिक समय तक पढ़ाते थे। इस पद्धति को ब्लॉक टीचिंग कहा जाता है। इसके बाद भी शिक्षक ने पाठ्यक्रम पूरा कर लिया था। इसलिए निलंबन न्यायोचित नहीं है।
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वहीं पीजीटी संस्कृत शिक्षक डेप्युटेशन पर जिला अधिकारियों  के अधीन दफ़्तर कार्य में लगा हुआ है। जिसके स्थान पर उनका कार्य दूसरे निलंबित शिक्षक टीजीटी संस्कृत को दे रखा था। ऐसे में संघ के महासचिव अजय वीर यादव ने मांग की है कि दोनों शिक्षकों के निलंबन वापस लिए जाएं। जो अनियमितता शिक्षा निदेशक को लगी है उसके लिए शिक्षक, प्रिंसिपल, व जिलाधिकारियो को कारण बताओ नोटिस देकर उनका पक्ष सुना जाए। इस मामले की कमेटी बनाकर जाँच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

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