कॉरिडोर का डिजाइन ऐसा होगा कि ट्रैक पर ट्रेन 180 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सके। हालांकि, ऑपरेशनल स्पीड 160 व औसत गति 100 किमी प्रतिघंटा रखी जाएगी। एक ट्रेन में अधिकतम 9 कोच लगेंगे। सभी कोच वातानुकूलित होंगे। इसमें बिजनेस कोच के अलावा महिलाओं के लिए विशेष कोच लगेगा।
सराय काले खां पर जुड़ेंगे तीनों कॉरिडोर
सराय काले खां पर तीनों आरआरटीएस कॉरिडोर आपस में जुड़ जाएंगे। दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर व दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर के एक जगह मिलने से सराय काले खां बड़े ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर विकसित होगा।