फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेट्रो: ब्लू लाइन ने तीसरे दिन भी किया परेशान, नहीं ठीक हो सकी समस्या

Fri, 07 Dec 2018 11:26 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
delhi metro - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन की तकनीकी खराबी शुक्रवार को भी ठीक नहीं हो सकी। सुबह से ही ट्रेनों की धीमी रफ्तार और लंबे इंतजार ने यात्रियों को परेशान किया। तकनीकी खराबी पर पूरी तरह से नियंत्रण न पाए जाने के चलते द्वारका से वैशाली के बीच में दो लूप में ट्रेनें चलाई गईं। इस बीच यात्रियों को यमुना बैंक पर द्वारका और वैशाली जाने के लिए ट्रेनें बदलनी पड़ीं, जबकि पूरी लाइन पर एक मिनट की जगह छह से 10 मिनट के बीच ट्रेनें मिलने से यात्री बेहाल रहे। फिलहाल डीएमआरसी ने ब्लू लाइन पर चल रही तकनीकी खराबी के पूरी तरह से ठीक होने के संबंध में कोई स्पष्ट समयावधि नहीं बताई है।

विज्ञापन

पैसेंजर ट्रेन से भी ज्यादा धीमी हुई मेट्रो
शुक्रवार को मेट्रो सेवा शुरू होने के साथ ही द्वारका-वैशाली सेक्शन पर दो लूप में ट्रेनें चलाई गईं। मेट्रो यात्री राकेश ने बताया बृहस्पतिवार शाम को मेट्रो में तकनीकी खराबी के कारण वह द्वारका से चार घंटे में वैशाली पहुंचे। उन्होंने बताया कि मेट्रो उन्हें वैशाली ले जाने की बजाय नोएडा की ओर ले जाने लगी, तब वे बीच में उतरकर यमुना बैंक पहुंचे और फिर काफी देर के बाद यमुना बैंक से ट्रेन मिलने पर मुश्किल से वैशाली पहुंच सके। उन्होंने कि शुक्रवार को भी उन्हें वैशाली से यमुना बैंक तक आने में एक घंटा लग गया। उन्होंने कहा कि मेट्रो अब पैसेंजर ट्रेन से भी ज्यादा धीमी होती जा रही है।            

ट्रेनों में नहीं हुई खराबी की घोषणा
मेट्रो ट्रेनों की धीमी रफ्तार से यात्री पहले ही परेशान थे, साथ ही मेट्रो में तकनीकी खराब के संबंध में अनाउंसमेंट नहीं होने से भी यात्री बेहाल हुए। डीयू की स्टूडेंट श्रेया शर्मा ने बताया कि उन्हें वैशाली से से राजीव चौक जाना था और मेट्रो के लिए 10 मिनट से ज्यादा देर तक ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यमुना बैंक पहुंचते-पहुंचते ट्रेन कई जगह रुकी और सामने से ट्रेन क्रॉस होने के बाद आगे बढ़ी। उन्होंने कहा कि इस बीच तकनीकी खराबी को लेकर ट्रेन में कोई अनाउंसमेंट नहीं हुई। 
विज्ञापन


 
विज्ञापन

डीएमआरसी को ट्रेनें बढ़ानी चाहिए

मेट्रो यात्री सचिन कुमार ने बताया कि उन्हें उत्तम नगर से राजीव चौक आना था और दोपहर के समय में नॉन पीक आवर्स में भी उन्हें करीब 8 मिनट में मेट्रो मिली। इसके बाद मेट्रो की रफ्तार भी काफी धीमी रही। उन्हें अमूमन राजीव चौक पहुंचने में 30 मिनट लगते हैं, लेकिन शुक्रवार को वह करीब 50 मिनट में पहुंचे। उन्होंने कहा कि डीएमआरसी को ट्रेनों की संख्या बढ़ानी चाहिए और तकनीकी खराबी को पकड़ने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का प्रयोग करना चाहिए।

महिला कोच में भी जगह नहीं मिली
यात्री सपना कश्यप ने बताया कि उन्हें प्रीत विहार से सुभाष नगर जाना था, लेकिन सुबह करीब साढ़े 9 बजे मेट्रो में उन्हें चढ़ने की जगह ही नहीं मिली। उन्होंने बताया ट्रेन में पहले से ही इतनी ज्यादा भीड़ थी कि प्रीत विहार से कुछ ही यात्री मेट्रो में सवार हो सके। भीड़ के कारण उन्हें महिला कोच में भी जगह नहीं मिली, जिस कारण वह अपने ऑफिस डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचीं। वहीं शाम के समय भी ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी धीमी होने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।            

आज भी फंस सकते हैं यात्री
चूंकि ब्लू लाइन की तकनीकी खराबी पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी, इसलिए शनिवार को भी द्वारका-वैशाली सेक्शन पर दो लूप में ट्रेनें चलेंगी, लेकिन अगर इस बीच भी ट्रेनों की रफ्तार में सुधार नहीं हुआ, तो शनिवार को वीकएंड के मौके पर दिल्ली वालों की छुट्टी का मजा किरकिरा हो सकता है।    

क्या कहता है डीएमआरसी
डीएमआरसी ने कहा कि तकनीकी खराबी की मॉनिटरिंग के चलते पूरी लाइन पर आठ जगहों पर इंटरलॉकिंग प्वाइंट्स बनाए गए हैं, जिनमें द्वारका सेक्टर-9, जनकपुरी वेस्ट, राजौरी गार्ड, करोल बाग, बाराखंबा, यमुना बैंक, नोएडा सेक्टर-16 और आनंद विहार शामिल हैं। तकनीकी खराबी पूरी तरह ठीक होने तक इंटरलॉकिंग के कारण इन प्वाइंट्स पर मेट्रो की रफ्तार धीमी रहेगी। हालांकि डीएमआरसी ने तकनीकी खराबी के पूरे तरह ठीक होने के संबंध में कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें