मेट्रो यात्री सचिन कुमार ने बताया कि उन्हें उत्तम नगर से राजीव चौक आना था और दोपहर के समय में नॉन पीक आवर्स में भी उन्हें करीब 8 मिनट में मेट्रो मिली। इसके बाद मेट्रो की रफ्तार भी काफी धीमी रही। उन्हें अमूमन राजीव चौक पहुंचने में 30 मिनट लगते हैं, लेकिन शुक्रवार को वह करीब 50 मिनट में पहुंचे। उन्होंने कहा कि डीएमआरसी को ट्रेनों की संख्या बढ़ानी चाहिए और तकनीकी खराबी को पकड़ने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का प्रयोग करना चाहिए।
महिला कोच में भी जगह नहीं मिली
यात्री सपना कश्यप ने बताया कि उन्हें प्रीत विहार से सुभाष नगर जाना था, लेकिन सुबह करीब साढ़े 9 बजे मेट्रो में उन्हें चढ़ने की जगह ही नहीं मिली। उन्होंने बताया ट्रेन में पहले से ही इतनी ज्यादा भीड़ थी कि प्रीत विहार से कुछ ही यात्री मेट्रो में सवार हो सके। भीड़ के कारण उन्हें महिला कोच में भी जगह नहीं मिली, जिस कारण वह अपने ऑफिस डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचीं। वहीं शाम के समय भी ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी धीमी होने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
आज भी फंस सकते हैं यात्री
चूंकि ब्लू लाइन की तकनीकी खराबी पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी, इसलिए शनिवार को भी द्वारका-वैशाली सेक्शन पर दो लूप में ट्रेनें चलेंगी, लेकिन अगर इस बीच भी ट्रेनों की रफ्तार में सुधार नहीं हुआ, तो शनिवार को वीकएंड के मौके पर दिल्ली वालों की छुट्टी का मजा किरकिरा हो सकता है।
क्या कहता है डीएमआरसी
डीएमआरसी ने कहा कि तकनीकी खराबी की मॉनिटरिंग के चलते पूरी लाइन पर आठ जगहों पर इंटरलॉकिंग प्वाइंट्स बनाए गए हैं, जिनमें द्वारका सेक्टर-9, जनकपुरी वेस्ट, राजौरी गार्ड, करोल बाग, बाराखंबा, यमुना बैंक, नोएडा सेक्टर-16 और आनंद विहार शामिल हैं। तकनीकी खराबी पूरी तरह ठीक होने तक इंटरलॉकिंग के कारण इन प्वाइंट्स पर मेट्रो की रफ्तार धीमी रहेगी। हालांकि डीएमआरसी ने तकनीकी खराबी के पूरे तरह ठीक होने के संबंध में कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई है।