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हर सवाल का जवाब: दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी कहां बनकर होगी तैयार, कैसे मिलेगा एडमिशन, किस खेल की होगी पढ़ाई

Wed, 23 Jun 2021 06:08 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली की खेल यूनिवर्सिटी कहां बनेगी, कैसी होगी, कौन सी पढ़ाई से लेकर डिग्री को कौन सा दर्जा प्राप्त होगा सब कुछ जानिए इस खबर में...
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फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना यानी दिल्ली में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोलने की योजना को लेकर बुधवार(23 जून) को एक बड़ा एलान किया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में खेल यूनिवर्सिटी जल्द खुलेगी जिसकी पहली कुलपति होंगी ओलंपिक पदक विजेता महिला वेट लिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी। इस घोषणा के साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि आखिर यह स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी कैसी होगी, कहां होगी, किस तरह की सुविधाएं और कोर्स यहां उपलब्ध होंगे साथ ही इससे क्या-क्या फायदे होंगे...

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दिल्ली के युवा आने वाले समय में फुटबाल, क्रिकेट, हॉकी समेत दूसरे खेलों में स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट की डिग्री ले सकेंगे। इस यूनिवर्सिटी को 2019 में ही दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी मिल गई थी। इसे मुंडका इलाके में 90 एकड़ जमीन पर खोला जाएगा। 

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय में इसकी जानकारी देते हुए साल 2019 में बताया था कि देश में अपनी तरह का यह पहला राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय होगा। इसमें दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को एकेडमिक डिग्री के लिए अलग से कोर्स करने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थापना के बाद विश्वविद्यालय अपने स्तर पर स्कूल से लेकर पीएचडी तक की डिग्री देगा। देश के नामचीन खिलाड़ी इस विश्वविद्यालय में वाइस चांसलर के तौर पर नियुक्त होंगे, जबकि उपराज्यपाल पदेन चांसलर होंगे।
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केजरीवाल ने बताया था कि इस विश्वविद्यालय को खोलने के पीछे उनकी एक मंशा भी है। उन्होंने बताया था, अभी तक खेलों में दिलचस्पी रखने वाले युवाओं को हमेशा यह डर लगा रहता है कि अगर वह खेलों में बहुत आगे नहीं बढ़ सके तो उनका करियर खराब हो जाएगा। लिहाजा उनको अलग से पढ़ाई करनी पड़ती थी। दिल्ली सरकार ऐसे युवाओं की समस्या का समाधान लेकर आई है। स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय खुलने के बाद खिलाड़ियों को किसी दूसरी डिग्री की जरूरत नहीं होगी। वे अपने पसंदीदा खेल में प्रदर्शन के आधार पर ही डिग्री ले सकेंगे। प्रोफेशनल करियर में भी यह डिग्री मददगार होगी। विशेषज्ञों की एक टीम इसका कोर्स तैयार कर रही है।

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'राज्य विश्वविद्यालय का मिलेगा दर्जा'

मनीष सिसोदिया ने बताया कि इसे राज्य विश्वविद्यालय के तौर पर बनाया जाएगा। यहां स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर शिक्षा के साथ खेलों में शोध भी होंगे। संबंधित खेलों को बढ़ावा देने के लिए विशिष्ट खेल प्रभाग बनेंगे। यह कोचिंग से लेकर दूसरी अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा। 

विश्वविद्यालय के स्कूलों में नामांकन लेने वालों छात्रों को तो कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन सामान्य स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी। परीक्षा का मानक भी विशेषज्ञों की टीम तैयार करेगी। मनीष सिसोदिया का कहना है कि यहां से पढ़ाई करने वाले छात्रों की डिग्री दूसरे विश्वविद्यालयों की डिग्री के समकक्ष होगी। 

1997 से ही चल रही है स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की कवायद

दिल्ली में स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाने की लंबे समय से योजना है। 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के समय में जमीन का अधिग्रहण भी किया गया था। लेकिन मामला अदालत में जाने से अधर में लटक गया। वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने बजट भाषण में इस विश्वविद्यालय के लिए दस करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। साथ ही इसकी ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक कमेटी भी गठित हुई थी। कमेटी ने सितंबर 2017 में सरकार को ड्राफ्ट रिपोर्ट पेश की थी। कुछ संशोधन के साथ जनवरी 2018 में फाइनल ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार हो गई थी।
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