दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घर-घर राशन योजना पर लगाई जा रही रोक को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया कि उनके पास केंद्र सरकार की चिट्ठी आई है जिसमें इस योजन को रोकने के अजीब कारण लिखे हैं। उन्होंने उन कारणों का भी जिक्र किया है और केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि यह योजना राष्ट्रहित में है इस पर रोक मत लगाइए।
उन्होेंने ट्वीट किया, 'केंद्र की चिट्ठी आई है। बेहद पीड़ा हुई। इस किस्म के कारण देकर हर घर राशन योजना खारिज कर दी- 1- राशन गाड़ी ट्रैफिक में फंस गई या खराब हो गयी तो, 2- तीसरी मंजिल तक राशन कैसे जाएगा (21वीं सदी का भारत चांद पर पहुंच गया, आप(केंद्र सरकार) तीसरी मंजिल पर अटक गए), 3- संकरी गली में कैसे जाएगा।'
केजरीवाल ने आगे लिखा, 'हर वक्त हर किसी से झगड़ा सही नहीं है- ट्विटर, लक्षद्वीप, ममता दीदी, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली सरकार, किसानों, व्यापारियों, पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटेरी तक से झगड़ा। इतना झगड़ा, हर वक्त राजनीति से देश आगे कैसे बढ़ेगा? घर-घर राशन योजना राष्ट्रहित में है। इस पर झगड़ा मत कीजिए।
ऐसा झगड़ालू प्रधानमंत्री देश को 75 साल में पहली बार मिला: सिसोदिया
घर-घर राशन योजना पर एक बार फिर केंद्र व दिल्ली सरकार में ठन गई है। दिल्ली सरकार ने केंद्र पर आरोप मढ़ा है कि इस योजना को शुरू नहीं करने दे रही है। इसे लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए हैं।
सिसोदिया ने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य की जनता को राशन पहुंचाने का अधिकार राज्य सरकार के पास है, ऐसे में केंद्र का इस पर रोक लगाना कानूनी रूप से सही नहीं है। पिज्जा और अन्य सामान घर-घर डिलिवरी हो रहे हैं, ऐसे में राशन की होम डिलिवरी क्यों नहीं हो सकती।
सिसोदिया ने केंद्र सरकार की चिट्ठी दिखाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कई बहाने लगाए हैं, बहाना नंबर एक यह है कि राशन पहुंचाने का प्राइस क्या होगा, दूसरा बहाना बनाया कि जिसके घर राशन जाएगा उसका पता कैसे चलेगा, इसी प्रकार तीसरा बहाना बनाया कि तंग गलियों में राशन कैसे पहुंचेगा। चौथा बहाना बनाया कि तीसरी मंजिल पर राशन कैसे पहुंचाया जायेगा। पांचवां बहाना बनाया कि किसी ने एड्रेस चेंज कर लिया तो राशन कैसे पहुंचेगा।