दिल्ली पुलिस को इस बात के सबूत हाथ लग गए हैं कि पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ने फर्जी डिग्री बेचने वाला गिरोह से बीएससी की डिग्री और अन्य डिग्रियां खरीदी थीं। गिरोह के सदस्य विनोद की तोमर के बड़े भाई आरपीएस तोमर से जान-पहचान थी।
जांच में चला है कि इस गिरोह से कई और लोगों ने फर्जी डिग्रियां ली हैं। पुलिस जल्द ही कुछ और लोगों को पकड़ सकती है। वहीं न्यू यूनिवर्सल इंस्टीट्यूट से सारे रिकॉर्ड और रजिस्टर गायब हैं।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तोमर के 12वीं में 33 प्रतिशत अंक आए थे। उसने शिवाजी कॉलेज में बॉटनी में सिर्फ दाखिला लिया था। इसके बाद राजधानी कॉलेज से बीए में एडमिशन लिया।